चतरा : पैसे के अभाव में अंतिम संस्कार नहीं, 24 घंटे से घर में पड़ा है शव

कुंदा (चतरा) : टीबी की बीमारी से पीड़ित बालदेव की मौत के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उसका अंतिम संस्कार नहीं हो पाया हैं. टूटे-फूटे घर में शव पड़ा हुआ है. मृतक का सात वर्षीय पुत्र शव के पास बैठ कर रो रहा है. वहीं, मृतक की पत्नी गुलिया देवी […]

कुंदा (चतरा) : टीबी की बीमारी से पीड़ित बालदेव की मौत के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उसका अंतिम संस्कार नहीं हो पाया हैं. टूटे-फूटे घर में शव पड़ा हुआ है. मृतक का सात वर्षीय पुत्र शव के पास बैठ कर रो रहा है.
वहीं, मृतक की पत्नी गुलिया देवी पति के अंतिम संस्कार के लिए पैसा का जुगाड़ करने मायके पिंजनी गांव गयी है. बालदेव की मौत रिम्स में इलाज के दौरान शनिवार की सुबह हो गयी थी. लेवाड गांव निवासी बालदेव लंबे समय से टीबी की बीमारी से ग्रसित था. 24 मई को प्रभात खबर में उसके बीमार होने से संबंधित खबर प्रकाशित हुई थी. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम उसे एंबुलेंस से सदर अस्पताल ले गयी.
स्थिति गंभीर देख 26 मई को उसे रिम्स (रांची) रेफर कर दिया गया. रिम्स में आयुष्मान योजना के तहत राशन कार्ड नहीं होने के कारण उसके इलाज में परेशानी हुई. पत्नी जब राशन कार्ड लेने गांव आयी थी, इस दौरान उसकी मौत हो गयी. इसके बाद शव को उसके पुत्र के साथ एंबुलेंस से शनिवार शाम लेवाड गांव पहुंचा दिया गया. तब से शव पड़ा हुआ है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >