रांची/टंडवा : प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों को आर्थिक लाभ पहुंचाने के मामले में एनआइए ने सीसीएलकर्मी सुभान मियां को रविवार को चतरा जिले के टंडवा से गिरफ्तार किया. सोमवार को रांची स्थित एनआइए कोर्ट में पेशी के बाद उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बिरसा केंद्रीय कारा (होटवार) भेज दिया गया.
वह कामता गांव का रहनेवाला है. चतरा में मगध, आम्रपाली सहित अन्य कोल परियोजनाओं में उग्रवादी संगठनों, ग्रामीण, पुलिस और सीसीएल के बीच मुख्य लाइजनर की भूमिका सुभान मियां निभाता था. पूर्व में भी एनआइए के अधिकारी उसे रांची और दिल्ली बुलाकर पूछताछ कर चुके हैं. उसने कई अहम जानकारी जांच एजेंसी को दी थी. हालांकि तब एनआइए ने उसे गिरफ्तार नहीं किया था.
बिंदेश्वर गंझू ने खोले हैं कई राज : सुभान मियां से पहले एनआइए ने लेवी वसूली का मास्टरमाइंड बिंदेश्वर गंझू उर्फ बिंदु गंझू को अगस्त में रांची से गिरफ्तार किया था.
उसने पूछताछ में कई ट्रांसपोर्टरों के नाम का खुलासा किया था. इसके बाद ही कोल ट्रांसपोर्टरों के झारखंड और पश्चिम बंगाल के ठिकानों पर एनआइए की टीम ने छापेमारी की थी. इसमें कई ऐसे दस्तावेज मिले थे, जिसमें सुभान मियां के संबंध में अहम जानकारी थी. इस सिलसिले में एनआइ ने कोल ट्रांसपोर्टर सोनू अग्रवाल, विपिन मिश्रा, सुदेश केडिया, विष्णु अग्रवाल के अलावा चतरा के करीब दो दर्जन से अधिक कोयला से जुड़े ठेकेदारों को रांची बुलाकर पूछताछ कर चुकी है.
डकैती में जेल जा चुका है सुभान मियां
सिमरिया थाना क्षेत्र के केवटा गांव निवासी मथुरा सिंह के घर हुई डकैती में भी सुभान मियां को आरोपी बताया गया था. तलाशी के दौरान उसके घर से डकैती की रकम भी पुलिस ने बरामद की थी. उसे जेल भी भेजा गया था. सुभान मियां का टीपीसी उग्रवादी बिंदु गंझू और प्रेम विकास सिंह उर्फ मंटू सिंह से करीबी संबंध था. 2015 में तत्कालीन एडीजी अभियान ने टंडवा में टीपीसी उग्रवादियों के यहां छापामारी करवायी थी, तब भी सुभान मियां का नाम सामने आया था. इसके अलावा भी कई मामलों में सुभान आरोपी है.
कोयला ट्रांसपोर्टरों से वसूली करने का भी आरोप
आम्रपाली कोल परियोजना और टंडवा क्षेत्र में सुभान मियां का वर्चस्व है. उसकी पत्नी की कंपनी टीडी इंटरप्राइजेज और दामाद जाबिर अंसारी के नाम से एआर इंटरप्राइजेज कंपनी सुभान ही चलाता है.
पुलिस के बड़े अधिकारी से मिला था सुभान
सुभान मियां कुछ माह पहले रांची आया था. पुलिस विभाग के एक आला अधिकारी के कार्यालय कक्ष में जाकर उसने मुलाकात की थी. इस बात की चर्चा पुलिस महकमे में जोर-शोर से थी. कुछ अफसरों ने दावा के साथ कहा था कि सुभान जिस वरिष्ठ पुलिस अफसर से मिला था, उसकी मुलाकात उस अफसर के रिश्तेदार ने ही करायी थी. मुलाकात के वक्त सुभान के साथ रिश्तेदार भी मौजूद थे. उस अफसर के कहने पर सुभान उस दिन दूसरे अफसर से भी मिलने उनके कार्यालय कक्ष में गया था.
