चाईबासा.
प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शाकिर की अदालत ने गुरुवार को सुनवाई करते हुए हत्याकांड के तीन आरोपियों को दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनायी. वहीं, 15-15 हजार रुपये जुर्माना लगाया. अभियुक्तों में माधो पुरती, दुंबी पुरती उर्फ चोले पुरती और चंबरा पुरती शामिल हैं. तीनों चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के धनगांव स्तित तोड़ांगसाई टोला के रहने वाले हैं. तीनों ने गांव के लोपोर पुरती की चापड़ से सिर और गला काट कर हत्या कर दी थी. मृतक लोपोर पुरती की मां कुनी पुरती के बयान पर 5 मार्च, 2022 को चक्रधरपुर थाना में अभियुक्तों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ था. दर्ज मामले में बताया था कि 4 मार्च, 2022 को मैं अपने पति सिदिऊ पुरती और बेटे लोपोर पुरती के साथ रात्रि करीब 8 बजे घर में खाना खा रही थी. उसी दौरान पड़ोसी माधो पुरती, दुंबी पुरती व चंबरा पुरती हाथ में हथियार लेकर मेरे घर आये. तीनों ने मेरे पुत्र लोपोर पुरती को घर से बाहर बुलाया. तीनों ने हथियार से मारकर हत्या कर दी. वहीं, शव को जंगल में तरफ ले जाकर फेंक दिया. हमलोगों ने डर से घर का दरवाजा बंद कर लिया. दूसरे दिन 5 मार्च, 22 को खोजबीन के क्रम में धनगांव से करीब तीन किलोमीटर दूर कुबुकोचा जंगल में मिला.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
