तांतनगर.
पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमारडुंगी थानांतर्गत कलाइया गांव के कुदारसाई टोला में अंधविश्वास और आपसी रंजिश ने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया. ग्रामीण सूत्रों और पुलिस जांच के अनुसार, यह मामला केवल अंधविश्वास का नहीं बल्कि जमीन विवाद से भी जुड़ा है. आरोपी डेलका सिंकू और पीड़ित कोल्हान सिंकू रिश्ते में भतीजा व चाचा हैं. कोल्हान के पास 5 एकड़ से अधिक जमीन है. उसे पहली पत्नी जानी सिंकू से तीन बेटियां हैं. इसके बाद कोल्हान ने दूसरी शादी (ज्योति सिंकू) की थी, जिससे दो बेटे हुए. बेटों के जन्म के बाद से डेलका सिंकू के मन में जमीन को लेकर असुरक्षा और द्वेष की भावना पैदा हो गयी थी. वह अक्सर कोल्हान के परिवार पर डायन होने का आरोप लगाकर उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश करता था. ज्ञात हो कि मंगलवार की रात डायन का आरोप लगाकर एक परिवार के तीन लोगों पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गयी, जिसमें ज्योति सिंकू और उसके मासूम बेटे आदित्य सिंकू की मौत हो गयी. वहीं, परिवार का मुखिया कोल्हान सिंकू गंभीर रूप से झुलस गया है, जिसका इलाज चल रहा है. पुलिस घटना में हर एंगल से जांच कर रही है. इसमें जमीन से संबंधी मामले को खंगाल रही है.मां व बेटे को शव को दफनाया, हर बिंदु पर जांच कर रही पुलिस
पुलिस ने मां-बेटे के शव का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें एक ही कब्र में दफन करवा दिया है. पुलिस इस मामले की जांच डायन और जमीन विवाद, दोनों कोणों से कर रही है. गांव में जागरूकता की कमी और अंधविश्वास इस घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है.ग्रामीण की मौत होने पर आरोपी डेलका ने लोगों को भड़काया
मंगलवार को गांव के एक व्यक्ति पुरुषोत्तम बिरुवा की बीमारी से मौत हो गयी. इसी को बहाना बनाकर आरोपी डेलका ने ग्रामीणों को उकसाया. रात करीब 10 बजे कोल्हान का परिवार सो रहा था. आरोपी 5 लीटर पेट्रोल और नशे की हालत में भीड़ लेकर वहां पहुंचा. सुलह के बहाने उन्हें घर से बाहर निकाला गया और देखते ही देखते कोल्हान, उसकी पत्नी ज्योति और गोद में लिए बच्चे पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी.बेटे की चाहत में कोल्हान ने दूसरी शादी की:
कोल्हान सिंकू और आरोपी डेलका सिंकू के पिता पुतकर सिंकू सगे भाई हैं. कोल्हान सिंकू की पारिवारिक स्थिति ठीक नहीं है. कोल्हान सिंकू ने दो शादी की है. पहली पत्नी जानी सिंकू से तीन बच्चे (लड़कियां) हैं. इनमें तिरिल सिंकू (8), संजू सिंकू (6) व शोभा सहनी सिंकू (4) है. कोल्हान ने लड़के की चाहत में ज्योति सिंकू से दूसरी शादी की.
गांव में सन्नाटा, पुरुष घरों में छिपे, महिलाएं व बच्चे डरे
घटना के बाद से कुदारसाई टोला में सन्नाटा पसरा हुआ है. पुलिस की मौजूदगी के बावजूद लोग बात करने से कतरा रहे हैं. पूछने पर केवल कंज अंदाना (हमें जानकारी नहीं है) कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं. गांव के पुरुष पुलिस को देखकर छिपे हुए हैं, जबकि महिलाएं और बच्चे डरे हुए हैं. टोला में सिर्फ महिलाएं व छोटे बच्चे दिखे. एकाध पुरुष दिखए, लेकिन नजर से बचते रहे. लोग कुछ भी बात करने से बचते रहे. फोटो लेने पर विरोध करते रहे.
पहली पत्नी ने दिखायी बहादुरी, तीन बेटियां व एक बेटा को लेकर भागी
इस भीषण तांडव के बीच कोल्हान की पहली पत्नी जानी सिंकू ने साहस का परिचय दिया. वह अपने सौतेले बेटे लेको सिंकू और अपनी तीनों बेटियों को लेकर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकली. हमलावर लेको सिंकू (कोल्हान के बड़े बेटा) को भी मारना चाहते थे, लेकिन जानी सिंकू ने दूसरे के घर में छिपकर बच्चों की जान बचायी.
बीमार होने पर ओझा-गुणी के चक्कर में पड़ते हैं ग्रामीण
कुमारडुंगी थाना मुख्यालय से करीबन 10 किमी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुमारडुंगी से करीबन 5 किमी दूर मुख्य सड़क किनारे कलाइया गांव है. यह जंगल से सटा हुआ है. मुख्य सड़क से आधा किमी दूर पर कुदारसाई टोला है, जहां घटना घटी. यहां पहुंचने के लिए एकमात्र पीसीसी सड़क है. टोला में करीबन 15 परिवार रहते हैं. कलाइया गांव में उत्क्रमित मध्य विद्यालय है. टोला में किसी के बीमार होने पर अस्पताल में इलाज के बजाय ओझा-गुणी पर विश्वास रखते हैं. टोलो में शिक्षा व जागरुकता की कमी है.
डालसा ने कुमारडुंगी के पीड़ित परिवार को मदद दी
चाईबासा. झारखंड उच्च न्यायालय के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने कुमारडुंगी में हुई मां-बेटे की हत्या पर संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवार को 25 हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की है. जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) ने कोल्हान सिंकू को सहायता राशि और खाद्य सामग्री उपलब्ध करायी. सहायता के लिए विशेष टीमें गठित की गयी हैं. अधिवक्ता प्रमोद प्रसाद को विधिक सलाहकार नियुक्त किया गया है. पीड़ित मुआवजा योजना के तहत अंतरिम राहत की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. परिवार को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है.– पेट्रोल डालकर जलाने की मामले में हर एंगल से जांच की जा रही है. प्रथम दृष्टया में डायन बिसाही मामला लगता है. घटना का जल्द उद्भेदन किया जायेगा.
– राफेल मुर्मू, एसडीपीओ, जगन्नाथपुर
दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी परिवार को योजनाओं का लाभ
जगन्नाथपुर. पश्चिमी सिंहभूम जिले के कलइया गांव में मां-बेटे को जिंदा जलाने की घटना के बाद गुरुवार को उपायुक्त चंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेनू खुद गांव पहुंचे. पीड़ित परिवार से मुलाकात की. अधिकारियों ने घटना के संबंध में स्थानीय लोगों और शोकाकुल परिजनों से विस्तार से बात की. इस जघन्य अपराध में एक महिला और उसके मासूम बच्चे की जान जा चुकी है, जबकि पति अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है. डीसी और एसपी ने परिजनों को सांत्वना देते हुए स्पष्ट किया कि इस कांड के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा और पुलिस कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है.
सरकारी योजनाओं से तत्काल जोड़ने के निर्देश:
उपायुक्त चंदन कुमार ने पीड़ित परिवार को बिना किसी देरी के सभी सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने को कहा. इसमें मुख्य रूप से परिवार का राशन कार्ड बनवाना, पात्रता के अनुसार पेंशन की सुविधा सुनिश्चित करना और परिवार के अन्य बच्चों का आंगनबाड़ी केंद्र में तत्काल नामांकन कराना शामिल है.
पुलिस को गांव में निरंतर गश्त का आदेश :
पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की. उन्होंने स्थानीय पुलिस को गांव में निरंतर गश्त करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिये.
आज से नुक्कड़ नाटकों से जागरुकता
जिला प्रशासन ने समाज की जड़ों में फैले अंधविश्वास को खत्म करने के लिए कमर कस ली है. उपायुक्त चंदन कुमार ने मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए पूरे जिले, विशेषकर ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में व्यापक डायन उन्मूलन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया है. जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय ने प्रखंड और अंचल कार्यालयों के समन्वय से आगामी 20 फरवरी से एक विशेष अभियान की शुरुआत की जा रही है. इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न प्रखंडों की पंचायतों, स्थानीय हाट-बाजारों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जायेगा. इन नाटकों के माध्यम से ग्रामीणों को बताया जाएगा कि डायन-बिसाही जैसी कोई चीज नहीं होती और यह केवल अंधविश्वास का परिणाम है.
