Chaibasa News : केरल में स्टार फुटबॉलर बना राजा ब्लास्टर एफसी के लिए खेल रहा
ट्रेन में बैठकर गलती से पहुंच गया था केरल
By ATUL PATHAK | Updated at :
सोनुवा. महज आठ साल की उम्र में घर से लापता हुआ राजा गोप अब 21 साल की उम्र में अपने गांव हांडिमारा लौटेगा. 13 साल बाद बेटे के जिंदा होने और घर वापसी की खबर सुनकर बंगाल के ईंट भट्ठे में काम करने वाली उसकी मां मानी गोप सबकुछ छोड़कर गुरुवार को सोनुवा पहुंच गयी. परिजनों और मुखिया से पुष्टि होने के बाद अब सोनुवा पुलिस राजा को जल्द से जल्द सुरक्षित घर लाने की कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी है. 13 साल बाद उजड़े हुए घर में फिर से खुशियां लौटने वाली है. राजा केरल में मशहूर फुटबॉल खिलाड़ी बन गया है.
ऐसे चला राजा का पता
केरल के कन्नूर जिले की एक संस्था (बाल आश्रयगृह) ने चाइल्ड हेल्पलाइन के जरिए सूचना दी थी कि उनके पास पश्चिमी सिंहभूम का एक युवक 13 साल से रह रहा है. एसपी अमित रेणु के निर्देश पर सभी थानों में खोजबीन शुरू हुई. सोशल मीडिया और मीडिया चैनलों पर चली खबरों के बाद सोनुवा के थाना प्रभारी शशिबाला भेंगरा ने हांडिमारा गांव पहुंचकर परिजनों से पुष्टि की. मोबाइल के जरिए राजा की उसकी मां से बात करायी.
गया था चावल लाने, भटक कर पहुंच गया केरल :
साल 2013 की एक दोपहर राजा के पिता बलराम गोप ने उसे 50 रुपये देकर पास की दुकान से चावल लाने भेजा था. उस वक्त राजा पहली कक्षा में पढ़ता था. वह गलती से ट्रेन में बैठ गया और सीधे केरल पहुंच गया. वहां पुलिस की मदद से उसे बाल आश्रयगृह भेज दिया गया. बेटे के गम में पिता बलराम गोप की 2016 में मौत हो गयी. राशन कार्ड बंद होने और गरीबी के कारण मां मानी गोप अपनी चार बेटियों को लेकर काम की तलाश में बंगाल चली गयी थी.
फुटबॉल खिलाड़ी के रूप में बनायी पहचान :
भले ही राजा अपने परिवार से दूर रहा, लेकिन केरल में उसने अपनी पहचान बना ली. वह आज एक बेहतरीन फुटबॉल खिलाड़ी बन चुका है. मशहूर फुटबॉल क्लब ””केरला ब्लास्टर एफसी”” के लिए खेल रहा है. उसकी सफलता की कहानी सुनकर पूरे गांव में खुशी का माहौल है.