चक्रधरपुर. झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोइया संयुक्त संघ के आह्वान पर चक्रधरपुर के स्कूलों में कार्यरत रसोइया अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गयी हैं. अपनी मांगों को लेकर रसोइयों में सरकार के प्रति गहरा रोष है.
अपनी मांगों को लेकर आधी टीम रांची में डंटी
गुरुवार को चक्रधरपुर शहरी क्षेत्र के स्कूलों के निरीक्षण में एक सकारात्मक तस्वीर भी देखने को मिली. रसोइयों ने इस तरह रणनीति बनायी है कि उनका विरोध भी दर्ज हो और स्कूली बच्चों को भूखा भी न रहना पड़े. जिन स्कूलों में अधिक रसोइया हैं, वहां से आधी टीम मांगों को लेकर रांची में डटी हैं, जबकि शेष आधी टीम स्कूलों में बच्चों के लिए ””””मिड-डे मील”””” तैयार कर रही हैं. जिन स्कूलों में रसोइयों की संख्या कम है, वहां शिक्षकों के मार्गदर्शन में ””””बाल संसद”””” के सदस्यों ने भोजन पकाने में हाथ बंटाया. प्रखंड संसाधन केंद्र के अनुसार, क्षेत्र के किसी भी विद्यालय से एमडीएम बंद होने की सूचना नहीं मिली है.रसोइया एवं संयोजिकाओं की प्रमुख मांगें
न्यूनतम वेतन लागू करना और संयोजिका एवं अध्यक्ष को भी रसोइयों की तर्ज पर मानदेय देना, प्रतिवर्ष दो साड़ी सेट देना, 60 वर्ष की आयु सीमा की बाध्यता खत्म करना और सेवानिवृत्ति या मृत्यु की स्थिति में परिवार के सदस्य को रोजगार देना, 10 लाख रुपये का निःशुल्क बीमा, पीएफ कटौती, ग्रेच्युटी और पेंशन योजना से जोड़ना. कार्य के दौरान चोट लगने या मृत्यु होने पर आश्रितों को उचित आर्थिक मुआवजा देना.- फिलहाल एमडीएम प्रभावित होने की कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है. रसोइयों के बार-बार हड़ताल पर जाने से व्यवस्था संचालन में परेशानी जरूर होती है. यह तीसरी बार है जब ऐसी स्थिति बनी है. यदि किसी भी स्कूल से एमडीएम बंद होने की रिपोर्ट आती है, तो संबंधितों पर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.
