चाईबासा.
एनक्यूएस सर्टिफिकेशन के लिए दो सदस्यीय केंद्रीय टीम ने शनिवार को चाईबासा के दो आयुष्मान आरोग्य मंदिर नाकाहासा और नरसंडा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निरीक्षण किया. टीम ने केंद्रों में मिल रही सुविधाओं जैसे दवाएं, चिकित्सीय सेवाएं, पेयजल, साफ-सफाई, शौचालय, और रोगियों की बैठने की व्यवस्था आदि का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान केंद्रीय टीम के सदस्यों ने मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों से बातचीत कर केंद्रों में उपलब्ध समग्र व्यवस्था की जानकारी ली. सेंट्रल टीम में डॉ. शेखर प्रधान और डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल शामिल थे. सदर प्रखंड सीएचसी प्रभारी डॉ. जगन्नाथ हेंब्रम ने बताया कि एनक्यूएस प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत, स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं की जांच और मूल्यांकन किया जाता है. इसी क्रम में केंद्र स्तरीय दो सदस्यीय टीम ने सदर प्रखंड के दो आयुष्मान आरोग्य मंदिर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का निरीक्षण किया. टीम ने मरीजों के इलाज की सुविधाओं के साथ-साथ अस्पताल में उपलब्ध अन्य व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली. टीम के सदस्यों ने बताया कि केंद्र स्तरीय एनक्यूएस प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में छह प्रकार की अनिवार्य सुविधाओं का होना आवश्यक है. सेंटरों में मौजूद इन सुविधाओं का मूल्यांकन कर मरीजों को मिल रही व्यवस्था का आंकलन किया गया तथा स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध सेवाओं की विस्तृत जानकारी एकत्र की गयी. टीम मरीजों को मिल रही सुख-सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर आधारित अपनी रिपोर्ट केंद्र को सौंपेगी. बताया गया कि मूल्यांकन में 70 प्रतिशत से अधिक अंक मिलने पर संबंधित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को एनक्यूएस प्रमाण पत्र दिया जायेगा. निरीक्षण के दौरान केंद्रीय टीम के साथ सीएचसी प्रभारी डॉ. जगन्नाथ हेंब्रम, जिला से अजमत अजीम अंसारी, बंकिम प्रधान सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
