चक्रधरपुर : बच्चों को अपने अधिकारों और कानून की जानकारी हो, ताकि किसी भी तरह के शोषण या अपराध के खिलाफ वे आवाज उठा सकें. इसी उद्देश्य से झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम के तत्वावधान में मंगलवार को चक्रधरपुर के मारवाड़ी प्लस टू विद्यालय स्थित लीगल लिटरेसी क्लब में नि:शुल्क विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया. जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष मोहम्मद शाकिर और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी के निर्देश पर आयोजित शिविर में विद्यार्थियों को बच्चों के अधिकार, संरक्षण और कानून से जुड़े विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी गई.
POCSO एक्ट से बाल विवाह तक, गंभीर मामलों की दी जानकारी
शिविर में एलएडीसी अधिवक्ता सुरेंद्र दास ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार की संरचना, उद्देश्य और कार्यप्रणाली के बारे में बताया. उन्होंने बच्चों के साथ होने वाले अपराध, यौन शोषण से सुरक्षा के लिए POCSO Act, बाल तस्करी, बाल श्रम और बाल विवाह जैसे गंभीर मामलों की जानकारी दी. उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी तरह के शोषण या अपराध की स्थिति में चुप नहीं रहने और इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की.
बाल विवाह रोकने और जरूरतमंद बच्चों की मदद की जानकारी
अधिकार मित्र श्वेता रवानी ने बाल विवाह की रोकथाम के साथ मिशन वात्सल्य योजना के तहत मिलने वाले फोस्टर केयर और स्पॉन्सरशिप लाभ की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता नहीं हैं या जो एकल अभिभावक के साथ रह रहे हैं, उन्हें पात्रता के अनुसार हर महीने चार हजार रुपये की सहायता राशि उपलब्ध करायी जाती है.
डायन प्रथा के दुष्परिणाम बताए, नालसा ऐप की भी दी जानकारी
अधिकार मित्र राजशेखर ने डायन प्रथा से संबंधित कानून और इसके दुष्परिणामों की जानकारी दी. विद्यार्थियों को नालसा एप और नि:शुल्क विधिक सहायता के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में भी बताया गया. शिविर में विद्यालय की प्राचार्या शोसन प्रभावती, शिक्षक हेमंत दास, पंकज प्रधान, अधिकार मित्र रीना प्रधान, राजशेखर रवानी, श्वेता रवानी समेत विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी उपस्थित रहे.
