चाईबासा : झींकपानी थाना क्षेत्र के चिड़िया पहाड़ी गांव स्थित ग्रामीण नाला के तेज बहाव में बहने से चरवाहा की मौत हो गयी. घटना सोमवार दिन की है. ग्रामीणों ने शव को पानी से बाहर निकाला. उसकी पहचान सोमा सुंडी (24) के रूप में हुई. मृतक मूल रूप से चाईबासा के मुफस्सिल थानांतर्गत संकोसाई गांव का रहने वाला था. वह चिड़िया पहाड़ी में अपने रिश्तेदार के घर में रहता था.
नाला पार करने के दौरान बहने लगा बैल
वह सुबह बैलों को चराने के लिए गया था. उफनायी ग्रामीण नाला पार करने के दौरान एक बैल बहने लगा. बैल को बचाने के लिए पानी में उतर गया. बैल किसी तरह बाहर निकल आया, परंतु वह पानी के तेज बहाव में डूब गया. उसकी मौत हो गयी. घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस गांव पहुंची. शव का पोस्टमार्टम करने के लिए सदर अस्पताल चाईबासा भेज दिया. ग्रामीणों ने बताया - लगातार रात से हो रही बारिश के कारण नाला व नदी उफना गयी है.
हुतुम्बा नाले में साइकिल बही, बाल-बाल बचा छात्र
गोइलकेरा में रविवार की रात हुई भारी बारिश से रुमकुट हुतुम्बा नाला में पानी का बहाव काफी तेज हो गया. नाले के जर्जर मेटल स्लैब के ऊपर से पानी बहने लगा. सोमवार सुबह विद्यालय जा रहे कुछ बच्चे नाला पार करने की कोशिश बाल-बाल बच गये. कटकरा गांव निवासी सह 2 हाई स्कूल, गोइलकेरा के छात्र अमृत बोदरा तेज बहाव में बहते-बहते बच गया. उसकी साइकिल पानी के तेज बहाव में बह गयी. सूचना मिलने पर आदिवासी ‘हो’ समाज महासभा, गोइलकेरा के अध्यक्ष पातोर जोंको पहुंचे. स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद पानी में बही छात्र की साइकिल को खोजकर बाहर निकाला गया.
25-30 वर्ष पुराना है मेटल स्लैब
ग्रामीणों के अनुसार, हुतुम्बा नाले पर बने दोनों मेटल स्लैब करीब 25 से 30 साल पुराने हैं. वर्तमान में जर्जर हो चुके हैं. ऊपरी हिस्से का मेटल स्लैब अंदर से खोखला होने के साथ-साथ उसकी ऊपरी सतह भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है. इससे पैदल चलने वाले यात्रियों और वाहनों के आवागमन के दौरान हर वक्त बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है. ग्रामीणों ने बताया - नीचे का मेटल स्लैब बारिश के दिनों में थोड़ा भी पानी बढ़ने पर पूरी तरह डूब जाता है. ग्रामीणों ने इस जर्जर स्लैब की जगह एक मजबूत पुल के निर्माण की मांग की है.
