Chaibasa News : पारा शिक्षक की पत्थर से कूचकर हत्या

टोंटो. उत्क्रमित मवि सुंडी सुरनियां में कार्यरत थे मुकरु देवगम

चाईबासा.

टोंटों के पुरनापानी बाजार टांड़ के पास पारा शिक्षक मुकरु देवगम (49) की शुक्रवार को पत्थर से कूचकर हत्या कर दी गयी. मुकरु देवगम उत्क्रमित मध्य विद्यालय सुंडी सुरनियां में पारा शिक्षक थे. मृतक मूल रूप से मुफस्सिल थाना के बारी पुखरी गांव के रहने वाले थे. शनिवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया.

परिजनों ने टोंटों थाना में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. परिजनों ने बताया कि मुकरु देवगम प्रतिदिन की तरह शुक्रवार सुबह में बाइक से स्कूल गये थे. स्कूल छुट्टी होने के बाद वह सब्जी खरीदने के लिए साप्ताहिक बाजार पुरनापानी गये थे. देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने सोचा कि वह अपने साथियों के घर ठहर गये होंगे. इससे खोजबीन नहीं की गयी. सुबह में ग्रामीणों ने बाजार टांड़ के पास जब शव पड़ा देखा, तो इसकी सूचना परिजनों को दी. उसका सिर पत्थर से कुचला हुआ था.

लोगों ने बताया कि पारा शिक्षक की हत्या की गयी है. मृतक की मां ने बताया कि मुकरु की पत्नी मुक्ता देवगम दो साल पहले छह वर्षीय बेटी को छोड़कर चली गयी. पत्नी की दिमागी हालत ठीक नहीं थी. बताया गया कि मृतक की किसी से दुश्मनी भी नहीं थी. मुकरु करीब 20 साल से सुंडी सुरनियां स्कूल में पारा शिक्षक के पद पर कार्यरत थे. इधर, पुलिस घटना की छानबीन में जुट गयी है. बताया कि जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा.

दो ट्रैकमेंटेनरों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत

चक्रधरपुर.

रांची और खड़गपुर रेल मंडल में ट्रेन की चपेट में से एक-एक ट्रैकमेंटेनरों की मौत हो गयी. पहली घटना रांची रेल मंडल के मुरी के अधीन गैंग नंबर 9 में कार्यरत विपत्तारिणी महतो की मौत हो गयी. नाइट कोल्ड वेदर पेट्रोलिंग के दौरान वह ट्रेन की चपेट में आ गया. इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी. घटना शनिवार की है. वहीं, दूसरी घटना खड़गपुर रेल मंडल में हिजली पीडब्ल्यूआइ के अधीन कार्यरत ट्रैक मेंटेनर मंजूरुल हैदर उमर (45) की भी पेट्रोलिंग के दौरान मेमू ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गयी. ऑल इंडिया रेलवे ट्रैक मेंटेनर यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष चांद मोहम्मद ने कहा कि रेलकर्मियों की जान माल की सुरक्षा करना रेलवे की जिम्मेवारी है. सुरक्षा की दृष्टिकोण से कुहासे में ट्रेनों की रफ्तार धीमी कर दी जाती है. इससे ट्रैक मेंटेनरों की पेट्रोलिंग बीट को कम करने में रेलवे को परेशानी नहीं होना चाहिये. उन्होंने बताया कि पेट्रोलिंग बीट कम करने को लेकर रेलवे को पहले भी सचेत किया गया था, पर कोई पहल नहीं हुई.

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Author: AKASH

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