Chaibasa News : समझ, सम्मान और अवसर ही सशक्तीकरण की राह : अनम

अंतर्राष्ट्रीय विकलांगता दिवस आज : दिव्यांग भी देश निर्माण के भागीदार हैं, समाज में बराबरी के अवसर सुनिश्चित हो

चक्रधरपुर. अंतर्राष्ट्रीय विकलांगता दिवस बुधवार को है. दिव्यांग छात्र खिलाड़ी अनम हैदर ने लोगों से प्रेरक अपील की है. वह कहते हैं समझ, सम्मान और अवसर ही सशक्तीकरण की राह है. पैरा-एथलीट, मार्केटिंग में एमबीए और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित खिलाड़ी अनम हैदर ने समाज, प्रशासन और युवाओं के लिए संवेदनशील अपील जारी की है. उनकी यह अपील उन सभी पहलुओं को रेखांकित करती है जिसकी जरूरत विकलांगों को एक सम्मानजनक व समावेशी जीवन के लिए है. अनम हैदर की यह पहल केवल एक संदेश नहीं, बल्कि बदलाव की दिशा में मजबूत आवाज है. अनम हैदर का व्यक्तित्व उन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है जो कठिनाइयों के बावजूद आगे बढ़ने का जज्बा रखते हैं.

आस्ट्रेलिया में ब्रॉन्ज मेडल जीता :

2013 में आस्ट्रेलिया में आयोजित बीओसीसीइ गेम में अमन ने ब्रांज मेडल जीता. विभिन्न राज्य सम्मान, राष्ट्रीय स्तर पर कई खेल उपलब्धियां, सेल्फ एडवोकेसी फ़ोरम्स ऑफ़ इंडिया में असिस्टेंट कोषाध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका, अनम की ये सभी उपलब्धियां साबित करती हैं कि अनम हैदर केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि विकलांगता अधिकारों की एक मजबूत और प्रभावी आवाज़ है.

विकलांगता कमजोरी नहीं, बल्कि ‘अलग क्षमता’ है :

अनम हैदर ने महत्वपूर्ण अपील जारी की. इसमें संवेदनशीलता, समान अवसर और सम्मान को केंद्र में रखा गया है. यह अपील समाज और प्रशासन के लिए रोडमैप की तरह है.

समावेशी समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल : गिलमान

दिव्यांगों के हित में सामाजिक कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता गिलमान अनवर ने कहा अनम हैदर की अपील समाज को यह याद दिलाती है कि विकलांग व्यक्तियों का सम्मान, सुरक्षा और अवसर केवल संवेदनशीलता नहीं, बल्कि एक अधिकार है. उनकी यह पहल न केवल प्रशासन को जिम्मेदारी का एहसास कराती है, बल्कि समाज को भी अपनी सोच बदलने की प्रेरणा देती है.

अनम हैदर की अपील

1. उन्हें समझें, हर व्यक्ति की क्षमता और आवश्यकता अलग होती है.

2. क्षमता के अनुसार दिव्यांग युवाओं को रोजगार में बराबर अवसर मिले.

3. शिक्षा को बढ़ावा दें, क्योंकि शिक्षा आत्मनिर्भरता की नींव है.

4. कौशल विकास से हुनर और आत्मविश्वास दोनों बढ़ते हैं.

5. राष्ट्रीय मंचों पर भागीदारी और एबिलिंपिक और सबल अवार्ड्स जैसे प्लेटफॉर्म दें.

6.खेल को करियर बनाएं, योग्य खिलाड़ियों को ट्रेनिंग व स्कॉलरशिप मिले.

7. डिग्री के अनुरूप नौकरी हो, योग्यता की उपेक्षा न हो.

8. निजी क्षेत्र में अवसर बढ़े, इसके लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए.

9. समाज में बराबरी दें, दिव्यांग भी देश निर्माण के भागीदार हैं.

10. घर में बंद न रखें, सामाजिक सहभागिता के अवसर दें.

11. भेदभाव से सुरक्षा मिले. कानून और परिवार दोनों की जिम्मेदारी हो.

12. मार्गदर्शन दें, रोकें नहीं, उनका हौसला न टूटे

13. सम्मान दें, सम्मान से आत्मविश्वास बढ़ता है.

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Author: ATUL PATHAK

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