Chaibasa News : बैठक में अनुपस्थित नौ प्रखंडों के पदाधिकारियों का एक दिन का वेतन कटेगा, शो-कॉज जारी

उपायुक्त ने कल्याण विभाग व एकलव्य आवासीय विद्यालय के कार्यों की समीक्षा की

चाईबासा. जिला समाहरणालय सभागार में मंगलवार को उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में कल्याण विभाग से संचालित योजनाएं और एकलव्य आवासीय विद्यालय के संचालन की समीक्षा की गयी. मौके पर आटीडीए के परियोजना निदेशक जयदीप तिग्गा व सहायक समाहर्ता सिद्धांत कुमार उपस्थित रहे. उपायुक्त ने प्री व पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, साइकिल वितरण, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना, सरना/मसना/जाहेर स्थान/कब्रिस्तान घेराबंदी योजना की प्रखंडवार प्रगति की समीक्षा की. बैठक से अनुपस्थित नौ प्रखंडों के कल्याण पदाधिकारी/प्रभारी प्रखंड कल्याण पदाधिकारी का एक दिन का वेतन रोकने व स्पष्टीकरण देने के लिए आइटीडीए के परियोजना निदेशक को निर्देश दिया.

एकलव्य विद्यालयों में जरूरी संसाधन उपलब्ध करायें:

उपायुक्त ने बताया गया कि जिले में स्वीकृत 11 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (पांच पेरेंट्स विद्यालय-पांच सिस्टर विद्यालय) में 6 विद्यालय संचालित हैं. डीसी ने संसाधनों की जानकारी ली. उपायुक्त ने नियमानुसार आउटसोर्सिंग से स्टाफ नर्स, छात्रावास वार्डन, प्लंबर/बिजली मिस्त्री आदि की नियुक्ति व आवश्यकतानुसार वॉटर प्यूरीफायर, इमरजेंसी रोशनी की व्यवस्था के निर्देश दिये. सभी विद्यालय परिसर में वैकल्पिक तौर पर हैंडपंप लगवाने, फर्स्ट एड सामग्री सहित विद्यार्थियों के लिए खेल उपकरण व म्यूजिक उपकरण उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये.

72.46 फीसदी विद्यार्थियों का निबंधन हुआ

प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति वित्तीय वर्ष 2025-26 में लक्ष्य के विरुद्ध 72.46 % विद्यार्थियों का पोर्टल पर निबंधन हुआ है. लगभग 1,12,667 विद्यार्थियों को भुगतान प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. आधार नंबर बैंक खाता से लिंक नहीं होने के कारण करीब 4700 बच्चों की राशि ट्रांसफर नहीं हो सका है. तीन दिनों में समस्याओं को दूर करने को कहा. पदाधिकारी को अपने-अपने प्रखंड से जन्म प्रमाण पत्र के अभाव में आधारविहीन बच्चों की सूची तैयार करने व कैंप लगा जन्म प्रमाण पत्र बनाने और आधार निबंधन करने को कहा.

शून्य आवेदन वाले प्रखंडों से कारण पूछा

सीएम स्वास्थ्य सहायता योजना से वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 183 आवेदन मिले हैं. योजना से लाभुकों को न्यूनतम 5000 से अधिकतम 25000 रुपये मिलते हैं. कम आवेदन पर चिंता जतायी. जिन प्रखंडों में शून्य आवेदन है, वहां संबंधित कर्मी को कारण बताने को कहा गया. बीडीओ के माध्यम से मुखिया व स्थानीय जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर अधिकाधिक लोगों को लाभ प्रदान कराने को कहा गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: ATUL PATHAK

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >