Chaibasa News : नयी पीढ़ी सांस्कृतिक विरासत को सहेजे : भूपेश

चक्रधरपुर : डुकरी में सामाड जोमसुइम का महाजुटान, चार जिलों के लोगों ने दिखायी एकता

प्रतिनिधि, चक्रधरपुर

चक्रधरपुर के डुकरी स्थित कुकड़ा उड़ा ऐतिहासिक मैदान में रविवार को ””””द्वितीय किली सामाड वार्षिक जोमसुइम”””” का भव्य आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और खूंटी जिले के हजारों सामाड हगेया समाज के लोग शामिल हुए. इससे पूरा मैदान एकता के रंग में रंगा नजर आया. कार्यक्रम का शुभारंभ परंपरा के अनुसार दियुरी द्वारा विधि-विधान व पूजा-अर्चना के साथ हुआ. इसके पश्चात मंच पर उपस्थित अतिथियों ने सामूहिक रूप से प्रार्थना के साथ कार्यक्रम को गति दी. इस दौरान विभिन्न गांवों से आए हगेया बंधुओं को मंच पर आमंत्रित कर परिचय कराया गया. इससे आपसी भाईचारे की नींव और मजबूत हुई. कार्यक्रम में समाज के प्रबुद्धजनों ने अपनी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर जोर दिया. विजय सिंह सामाड ने स्वागत भाषण में कहा कि हम कहीं भी रहें, पर जब सामाड हगेया की एकता और सहयोग की बात आए तो हमें हमेशा तत्पर रहना चाहिए. मंच का संचालन मुचिया सामाड ने किया. मुख्य अतिथि भूपेश सामाड ने समाज के संवैधानिक अधिकारों और पहचान को बचाये रखने का संदेश दिया. अगली पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखें.

बच्चों से लेकर बड़ों ने नाच-गान की मनमोहक प्रस्तुतियां दी

कृष्ण सामाड, मनोहर सामाड, सुरेन्द्र सामाड एवं पूर्व विधायक शशिभूषण सामाड ने सामाड हगेया की पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया.

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