मनोहरपुर.
मनोहरपुर रेलवे स्टेशन से भारतीय रेलवे को पीआरएस (आरक्षित) और यूटीएस (अनारक्षित) टिकट की बिक्री से प्राप्त होने वाले राजस्व में गिरावट आने लगी है. हालांकि यह स्टेशन हर साल रेलवे को करोड़ों रुपये का राजस्व देता है, इसके बावजूद यहां नई यात्री ट्रेनों के ठहराव को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गयी है. ट्रेनों का समय पर परिचालन नहीं होना और ठहराव न मिलना ही राजस्व घटने की मुख्य वजह बताई जा रही है. इसे लेकर स्थानीय जनता में रेलवे के प्रति भारी नाराजगी है.एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव नहीं होने से यात्रियों में नाराजगी
नोहरपुर रेलवे स्टेशन को पश्चिमी सिंहभूम जिले के सबसे महत्वपूर्ण स्टेशनों में गिना जाता है. यहां से सिर्फ मनोहरपुर ही नहीं, बल्कि आनंदपुर, नोवामुंडी, किरीबुरु, मेघाहातुबुरु, जामदा, गुवा और चिरिया समेत आसपास के कई खनन व ग्रामीण क्षेत्रों के लोग ट्रेन पकड़ने पहुंचते हैं. रोजाना बड़ी संख्या में छात्र, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी और मरीज लंबी दूरी की यात्रा के लिए इसी स्टेशन पर निर्भर हैं, लेकिन ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से सभी परेशान हैं.
वित्तीय वर्ष के अनुसार राजस्व का तुलनात्मक विवरण
रेलवे से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक पिछले तीन वर्षों का कुल सालाना राजस्व इस प्रकार रहा है.वर्ष 2023-24: ₹24,22,04,327 (24 करोड़ 22 लाख 4 हजार 327 रुपये)वर्ष 2024-25: ₹25,45,05,253 (25 करोड़ 45 लाख 5 हजार 253 रुपये)वर्ष 2025-26: ₹22,50,03,414 (22 करोड़ 50 लाख 3 हजार 414 रुपये)राजस्व में गिरावट: वित्तीय वर्ष 2025-26 की कुल आय, उससे पिछले वर्ष (2024-25) के मुकाबले करीब ढाई करोड़ रुपये कम रही है.
