माघ पूर्णिमा पर कोल्हान में एक साथ गूंजा मागे परब, आदिवासी एकता का संदेश

Chaibasa (नोवामुंडी): माघ पूर्णिमा के अवसर पर आदिवासी समाज का प्रमुख पर्व मागे परब धूमधाम से मनाया गया. कई गांव के लोगों ने एक साथ इस पर्व को मनाकर आदिवासी एकता का संदेश दिया है.

Chaibasa (नोवामुंडी): माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर कोल्हान क्षेत्र में आदिवासी समाज का प्रमुख पर्व मागे परब 6 फरवरी को पूरे पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया. मांदर और नगाड़े की गूंज, सामूहिक नृत्य और विधिवत पूजा-अर्चना के बीच अधिकांश गांवों में एक साथ पर्व का आयोजन कर आदिवासी समाज ने एक साथ मागे परब नहीं मनाने की धारणा को झुठला दिया. आसन्नपाठ, कंठाबिला, मसाबिला, करंजिया, लखीपाई, कुमिरता समेत कई गांव के लोगों ने एक साथ पर्व मनाकर समाज ने एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक चेतना का संदेश दिया.

शुक्रवार को मागे मारंग परब के अवसर पर देशाउली में हरे मुर्गे की बलि देकर सिम करसा अनुष्ठान संपन्न कराया गया, जिसका संचालन परंपरागत पुजारियों ने किया. चार दिवसीय मागे परब के तहत विभिन्न पारंपरिक आयोजनों के साथ पूरा क्षेत्र उत्सव और सांस्कृतिक जीवंतता से सराबोर नजर आया.

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By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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