माघ पूर्णिमा पर कोल्हान में एक साथ गूंजा मागे परब, आदिवासी एकता का संदेश

Chaibasa (नोवामुंडी): माघ पूर्णिमा के अवसर पर आदिवासी समाज का प्रमुख पर्व मागे परब धूमधाम से मनाया गया. कई गांव के लोगों ने एक साथ इस पर्व को मनाकर आदिवासी एकता का संदेश दिया है.

Chaibasa (नोवामुंडी): माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर कोल्हान क्षेत्र में आदिवासी समाज का प्रमुख पर्व मागे परब 6 फरवरी को पूरे पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया. मांदर और नगाड़े की गूंज, सामूहिक नृत्य और विधिवत पूजा-अर्चना के बीच अधिकांश गांवों में एक साथ पर्व का आयोजन कर आदिवासी समाज ने एक साथ मागे परब नहीं मनाने की धारणा को झुठला दिया. आसन्नपाठ, कंठाबिला, मसाबिला, करंजिया, लखीपाई, कुमिरता समेत कई गांव के लोगों ने एक साथ पर्व मनाकर समाज ने एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक चेतना का संदेश दिया.

शुक्रवार को मागे मारंग परब के अवसर पर देशाउली में हरे मुर्गे की बलि देकर सिम करसा अनुष्ठान संपन्न कराया गया, जिसका संचालन परंपरागत पुजारियों ने किया. चार दिवसीय मागे परब के तहत विभिन्न पारंपरिक आयोजनों के साथ पूरा क्षेत्र उत्सव और सांस्कृतिक जीवंतता से सराबोर नजर आया.

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By Amleshnandan Sinha

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