तांतनगर. कुमारडुंगी के कुदासाई टोला में मां-बेटे को जिंदा जलाकर मारने की घटना के बाद तांतनगर थाना के किटीबासा गांव से वैसी ही खौफनाक साजिश की खबर सामने आयी है. अंधविश्वास के नाम पर एक और परिवार को जिंदा जलाने की धमकी दी जा रही है. पीड़ित परिवार ने शनिवार को तांतनगर थाना पहुंचकर अपनी जान की सुरक्षा की गुहार लगायी है.
लाठी, डंडे व कुल्हाड़ी से लैस होकर घर में घुसे आरोपी:
पीड़ित महिला माधुरी कालुंडिया की लिखित शिकायत के अनुसार, 20 फरवरी को गांव के ही आधा दर्जन लोग घातक हथियारों के साथ उसके घर में घुस गये. आरोपियों में बोरजो पुरती उर्फ लालसिंह पुरती, गोपाल पुरती, शिवकर पुरती, सुकुरमनी पुरती, मानीकुई पुरती और मादेह पुरती (सभी सेरेंगबिल, टोला किटीबासा निवासी) शामिल थे. ये सभी लाठी, डांडे और कुल्हाड़ी से लैस थे. पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने घर घेरकर चिल्लाते हुए कहा कि तुम डायन विद्या जानती हो और हमारे परिवार को नुकसान पहुंचा रही हो. आरोपियों ने पीड़ित को धमकाते हुए कहा कि तीन साल पहले तुम्हारे ससुर की हत्या भी हमने ही की थी. अब तुम्हारा और तुम्हारे पूरे परिवार का भी वही हश्र किया जायेगा.डरा-सहमा है पूरा परिवार:
कुमारडुंगी की घटना में जिस तरह 32 वर्षीय ज्योति सिंकू और उसके एक वर्षीय मासूम बेटे आदित्य को जिस तरह पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया था, उस खौफनाक मंजर को याद कर माधुरी और उसका परिवार बुरी तरह डरा-सहमा हुआ है. पीड़ित परिवार का कहना है कि वे अपने ही घर में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. उनके साथ कभी भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है. अब पुलिस प्रशासन के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि वे कुमारडुंगी जैसी घटना की पुनरावृत्ति होने से पहले इन आरोपियों पर नकेल कसे.- किटीबासा में डायन बिसाही का आरोप लगाकर एक परिवार को जान मारने की धमकी मामले में लिखित शिकायत मिली है. मामला दर्ज कर जांच व सख्त कार्रवाई की जायेगी.
