झारखंड दौरे पर केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन, 3 दिन पश्चिमी सिंहभूम में रहेंगे, ये है पूरा कार्यक्रम

L Murugan Jharkhand Visit: केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन पलामू के बाद पश्चिमी सिंहभूम के दौरे पर आ रहे हैं. 3 दिन तक वह झारखंड में क्या-क्या करेंगे, पूरा कार्यक्रम यहां देखें.

L Murugan Jharkhand Visit: केंद्रीय मंत्री डॉ एल मुरुगन गुरुवार (16 जनवरी 2025) को 3 दिवसीय झारखंड दौरे पर आ रहे हैं. आकांक्षी जिला कार्यक्रम (एडीपी) के तहत सूचना एवं प्रसारण सह संसदीय कार्य राज्यमंत्री 3 दिन (16 से 18 जनवरी तक) पश्चिमी सिंहभूम जिले में रहेंगे. आज शाम पश्चिमी सिंहभूम के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बातचीत करेंगे. तीन दिन का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया गया है. इसके तहत, गुरुवार 16 जनवरी 2025 को शाम 5:30 बजे चाईबासा में सर्किट हाउस में पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त, डीडीसी, सांसद और विधायक से मुलाकात करेंगे.

17 को सेल खदान और केज फिशरीज-करंजिया जाएंगे केंद्रीय मंत्री

अगले दिन यानी शुक्रवार (17 जनवरी 2025) को केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन जगन्नाथपुर में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) और केज फिशरीज-करंजिया का दौरा करेंगे. वह सेल (SAIL) खदान में भी जाएंगे.

18 जनवरी 2025 को अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे एल मुरुगन

दौरे का अंतिम दिन 18 जनवरी 2025 को केंद्रीय मंत्री जिला के अधिकारियों और विभागों के प्रमुखों के साथ बातचीत करेंगे. इसके बाद चाईबासा में एडीपी और एस्पिरेशनल ब्लॉक प्रोग्राम (एबीपी) के संकेतकों का आकलन करने और एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स प्रोग्राम (एडीपी) के सभी मापदंडों में जिले के विकास को उत्प्रेरित करने के लिए समीक्षा बैठक करेंगे. बैठक में वह जानेंगे कि जिले ने अब तक कितनी प्रगति की है.

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दिसंबर में एल मुरुगन ने किया था पलामू का दौरा

केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन ने दिसंबर 2024 में पलामू की यात्रा की थी. इस दौरान उन्होंने विभागाध्यक्षों और दूरदर्शन, पत्र सूचना ब्यूरो (पीआईबी) और केंद्रीय संचार ब्यूरो के अधिकारियों के साथ बैठकें कीं. केंद्रीय मंत्री ने सुशासन सप्ताह के हिस्सा के रूप में ‘प्रशासन गांव की ओर’ विषय पर जिलास्तरीय कार्यशाला में भी भाग लिया था.

एल मुरुगन का 3 दिन का पूरा कार्यक्रम क्या है?

तारीखकेंद्रीय मंत्री एल मुरुगन का कार्यक्रम
गुरुवार 16 जनवरी 20255:30 बजे चाईबासा में सर्किट हाउस में पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त, डीडीसी, सांसद और विधायक से मुलाकात करेंगे.
शुक्रवार 17 जनवरी 2025दिन में 10:30 बजे आईटीआई जगन्नाथपुर जाएंगे. वहां स्टूडेंट्स के साथ संवाद करेंगे.
शुक्रवार 17 जनवरी 2025दिन में 11:30 बजे जगन्नाथपुर में करंजिया केज फिशरीज देखने जाएंगे. केज फिशरीज के लाभुकों के साथ बातचीत भी करेंगे.
शुक्रवार 17 जनवरी 2025शाम 3:00 बजे स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के किरीबुरू और नोवामुंडी (ओपेन कास्ट माइंस) का दौरा करेंगे.
शनिवार 18 जनवरी 2025दिन में 11 बजे चाईबासा के समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) के कॉन्फ्रेंस हॉल में एडीपी/एबीपी के इंडिकेटर्स पर विभागीय प्रमुखों के साथ बातचीत करेंगे. बाद में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगे.
शनिवार 18 जनवरी 2025दिन में 1:00 बजे चाईबासा के उपायुक्त कार्यालय में पब्लिक हेल्प सेल जाएंगे.

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क्या है आकांक्षी जिला कार्यक्रम

आकांक्षी जिला कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की एक परिवर्तनकारी पहल है, जिसकी शुरुआत 2018 में हुई थी. इसका उद्देश्य भारत के 112 अपेक्षाकृत पिछड़े और दूर-दराज के जिलों के विकास को गति देना है. यहां के लोगों का उत्थान करना है. इसके लिए स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेशन और कौशल विकास, बुनियादी ढांचा रूपी 5 महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित 81संकेतक यानी इंडिकेटर्स हैं. सरकार के इस कार्यक्रम का ठोस असर दिख रहा है. लाखों लोगों के जीवन में सुधार आया है और क्षेत्रीय विषमताओं को दूर किया गया है. प्रधानमंत्री मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए, आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम में 329 जिलों के 500 ब्लॉकों को चिह्नित किया गया है, जहां 40 संकेतकों में मापी गई आवश्यक सरकारी सेवाओं की पूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित हो.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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