चाईबासा.
चाईबासा के न्यू कॉलोनी नीमडीह निवासी सुमित सिंह यादव हत्याकांड के वांछित मुख्य अपराधी मदन शर्मा को घटना के चार माह 23 दिनों बाद पुलिस ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के टेकराहातु खदान के पास से गिरफ्तार कर लिया. उसके पास से दो अवैध देसी कट्टा, एक सिक्सर और 13 गोलियां बरामद हुईं. आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार करते हुए बताया कि सुमित सिंह यादव ने वर्ष 2022 में पुलिस की मदद से जय किशन पिंगुवा हत्याकांड में उसकी गिरफ्तारी करवाई थी, जिसकी वजह से वह जेल गया. जेल से छूटने के बाद मदन शर्मा ने अपने साथियों की मदद से सुमित सिंह यादव की हत्या की. पुलिस ने मदन शर्मा और हथियार सप्लायर मारकंडेय सिंह कुंटिया को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया. मारकंडेय सिंह कुंटिया मुफस्सिल थाना क्षेत्र के परमपंचो गांव के सालीगुटू टोला का निवासी है. एसडीपीओ बहामन टूटी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक अमित रेणु को गुप्त सूचना मिली थी कि मदन शर्मा अवैध हथियार के साथ मोटरसाइकिल से घूम रहा है और बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना में है. इसी सूचना के आधार पर विशेष छापेमारी टीम गठित कर कार्रवाई की गयी. पकड़े गये मदन शर्मा के पास से अवैध हथियार जब्त कर लिये गये. वहीं हथियार की वैधता के दस्तावेज नहीं मिले. पूछताछ में उसने हथियार सप्लायर मारकंडेय सिंह कुंटिया का नाम भी बताया, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया. मुफस्सिल थाना में 23 नवंबर 2025 को आर्म्स एक्ट व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. एसडीपीओ ने कहा कि मदन शर्मा की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही थी. वह डर के कारण भागता फिर रहा था. पहले भी इस मामले में चार अन्य अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उनके निशानदेही पर दो बरामद बरामद की गयी है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
