स्कूलों को संवारने की पहल, शिक्षकों को दिया प्रशिक्षण, जानें कैसे बन सकेगा हरित विद्यालय

मारवाड़ी प्लस टू उच्च विद्यालय, चक्रधरपुर में स्वच्छ एवं हरित विद्यालय की अवधारणा को मजबूत करने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया. प्रशिक्षण में स्वच्छता, जल संरक्षण, और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया. इसका उद्देश्य विद्यालयों को सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाना है.

चक्रधरपुर : स्वच्छ एवं हरित विद्यालय की अवधारणा को विद्यालयों में प्रभावी रूप से लागू करने के उद्देश्य से बुधवार को चक्रधरपुर स्थित मारवाड़ी प्लस टू उच्च विद्यालय में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें विद्यालयों को स्वच्छ, सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल एवं विद्यार्थियों के लिए बेहतर शिक्षण वातावरण वाला बनाने को लेकर शिक्षकों एवं संबंधित कर्मियों को विस्तार से जानकारी दी गई.

विद्यालय परिसर में हरियाली बढ़ाने पर दिया जोर

प्रशिक्षण के दौरान विद्यालय परिसर की स्वच्छता, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, शौचालयों की साफ-सफाई एवं रखरखाव, कचरा प्रबंधन, हाथ धोने की आदत, विद्यालय परिसर में हरियाली बढ़ाने व पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया. प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी बलराज कपूर, पवन सिंह व देवाशीष रक्षित ने ट्रेनिंग दिए. प्रशिक्षकों ने बताया - स्वच्छ एवं हरित विद्यालय केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और स्वस्थ जीवनशैली की आदत विकसित करना भी शामिल है.

प्लास्टिक के उपयोग को कम करने पर दिया जोर

कार्यक्रम में विद्यालयों में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, वर्षा जल संरक्षण, ऊर्जा की बचत तथा पौधरोपण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर चर्चा की गई. साथ ही विद्यालय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए स्वच्छ एवं हरित वातावरण तैयार करने के लिए आवश्यक गतिविधियों की जानकारी दी गई. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विद्यालय की वर्तमान स्थिति का आकलन करने, कमियों की पहचान करने और निर्धारित मानकों के अनुरूप सुधारात्मक कदम उठाने के संबंध में भी जानकारी दी गई.

विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों से जोड़ने की अपील

शिक्षकों से कहा गया कि वे विद्यार्थियों को भी स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों से जोड़ें, ताकि विद्यालय के साथ-साथ आसपास के समुदाय में भी जागरूकता बढ़े. प्रशिक्षण में शामिल प्रतिभागियों ने स्वच्छ एवं हरित विद्यालय की दिशा में दिए गए सुझावों को उपयोगी बताते हुए विद्यालयों में नियमित रूप से स्वच्छता, पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां संचालित करने की बात कही. बलराज कपूर ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालयों को स्वस्थ, स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में व्यवहारिक पहल को बढ़ावा देना है. प्रशिक्षण में सभी स्कूलों के प्रधान अध्यापक, सीआरपी आदि मौजूद रहे.


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लेखक के बारे में

By शीन अनवर

शीन अनवर वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक एवं स्नातकोत्तर तथा बी एड किया है. राजनीति, धर्म, शिक्षा के क्षेत्र में इन्होंने लंबा काम किया है. डिजिटल जर्नलिज्म में 5 साल का अनुभव है.

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