चाईबासा.
प्रथम अपर जिला व सत्र न्यायाधीश विनाेद कुमार सिंह की अदालत ने नवविवाहिता की हत्या के मामले में दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही, 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है. सजा पाने वालों में महिला के पति मो शोएब और जेठ मोहम्मद मेराज शामिल है. दोनों मझगांव के रहनेवाले हैं. पूर्वी सिंहभूम जिले के कोवाली थाना के हल्दीपोखर निवासी मो दानिश (मृतका का मामा) के बयान पर 29 नवंबर 2020 को मझगांव थाना में मामला दर्ज कराया गया था.साक्ष्य छिपाने के लिए शव को दुपट्टे से छत पर लटका दिया था
दर्ज मामले में बताया था कि उसकी 18 वर्षीय भांजी शाहजहां परवीन की शादी वर्ष 2020 में मझगांव निवासी मो शोएब उर्फ शैफ के साथ हुई थी. शादी के चार माह बाद ही दहेज को लेकर उसके पति शोएब उर्फ शैफ और जेठ मो मेराज ने मिलकर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी. साक्ष्य छिपाने की नीयत से घर की छत पर दुपट्टा से फांसी पर लटका दिया था. उन्होंने बताया था कि 28 नवंबर 2020 की सुबह 9.30 बजे उसके साला ने फोन से बताया कि आपकी भांजी शाहजहां परवीन ने फांसी लगा ली है. घटना की जानकारी मिलने पर वह अपने परिवार के साथ हल्दीपोखर से मझगांव पहुंचे. वहां देखा कि घर के बरामदे में खटिया पर भांजी मृत पड़ी है. गर्दन में काला दाग था. देखने से प्रतीत हो रहा था कि उसकी गला दबा कर हत्या कर दी गयी है. उन्होंने थाना में मो शोएब, जेठ मो मेराज, सास व ससुर व ननद के खिलाफ मामला दर्ज कराया था.मो मेराज ने पुलिस को अपने बयान में बताया था कि वह अपने छोटे भाई मो शोएब की पत्नी शाहजहां परवीन को घर में अकेले पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था. जब उसका पति शोएब घर आया तो पत्नी ने आपबीती बतायी. इसके बाद पति शोएब ने अपनी पत्नी को किसी को नहीं बताने के लिए समझाना चाहा, परंतु उसकी पत्नी नहीं सुनी. इसके बाद दोनों भाइयों ने मिलकर दुपट्टा से गला घोंट कर उसकी हत्या कर दी. शव को फांसी के फंदे पर लटका दिया. इसके बाद पति शोएब चौक की ओर चला गया. कुछ देर बाद आने पर उसने शोर मचाया कि पत्नी ने फांसी लगा ली. इसके बाद आसपास के लोग वहां पहुंचे. सभी ने शव को फांसी पर लटका देखा.
