चाईबासा.
आदिवासी हो समाज कला एवं संस्कृति भवन हरिगुटू में रविवार को आंदोलनकारियों की बैठक हुई. चाईबासा बाइपास में नो इंट्री लगाने की मांग पर हुए आंदोलन और रणनीति की समीक्षा की गयी. निर्णय हुआ कि शहर के बीच से गुजरने वाले एनएच-75 पर 24 घंटे भारी मालवाहक वाहन चलाये जाये. चाईबासा बाइपास सड़क आम जनता के लिए छोड़ा जाये. चाईबासा बाइपास में नो इंट्री लगाने के लिए न्यायिक प्रक्रिया की मदद ली जायेगी. गांव-गांव में जनजागरण अभियान चलेगा.बैठक की अध्यक्षता कोल्हान आदिवासी एकता मंच के अध्यक्ष देवेन्द्र चंपिया ने की. बताया कि आंदोलन में नाबालिग, महिला, पुरुष सहित 16 लोगों को 27 अक्तूबर, 2025 को जेल जाना पड़ा. वे 22 नवंबर को रिहा हुए. सड़क पर अब तक नो इंट्री लागू नहीं हुई. लोग प्रत्येक दिन दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं. इस पर जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधि व सरकार की चुप्पी चिंता का विषय है. तय किया गया कि मामले की जानकारी और ज्ञापन सौंपने के लिए परिवहन मंत्री सह चाईबासा विधायक दीपक बिरुवा, जिला प्रशासन, मुख्यमंत्री और राज्यपाल से फिर मिलेंगे. इसके लिए चाईबासा के आसपास और शहर के सभी सामाजिक संगठनों से मदद ली जायेगी. बैठक में देवेन्द्र नाथ चांपिया, सुरेश चंद्र सोय, बामिया बारी, वीरसिंह बिरुली, साधु चरण बानरा, रेयांस सामड, शिवचरण कालुन्डिया, कृष्ण चंद्र बिरुली, चंद्रमोहन बिरुवा, रमेश बालमुचु, भगवान देवगम, महेन्द्र जामुदा, संदीप सन्नी देवगम, मुरारी अल्डा, सूबेदार बिरुवा, मनोहर कुदादा, अमित होनहागा, भगवान सावैयां, हरिन तामसोय, मनीष सुंडी, सुरेन्द्र कालुन्डिया, सन्नी पाट पिंगुवा, संजय देवगम सहित अन्य शामिल थे.
ट्रक एवं ट्रेलर एसोसिएशन का पुतला दहन करेगा मंच: जमशेदपुर ट्रक एवं ट्रेलर एसोसिएशन ने शनिवार को मंत्री दीपक बिरुवा से मिलकर चाईबासा बाइपास में नो इंट्री नहीं लगाने की मांग की थी. इसकी कोल्हान आदिवासी एकता मंच ने निंदा की. कहा गया कि एसोसिएशन को सिर्फ अपनी रोजी-रोटी और व्यापार की चिंता है. इसे लेकर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का पुतला दहन किया जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
