पिछले कई दिनों से जारी लगातार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. ग्रामीण इलाकों में इस मानसूनी बारिश का सबसे ज्यादा असर कच्चे और पुराने मकानों पर देखने को मिल रहा है. पानी के अत्यधिक रिसाव और सीलन की वजह से मिट्टी व पत्थरों से बने कई घरों के ढहने का खतरा लगातार बढ़ गया है. इसी क्रम में प्रखंड के बेड़ाइचिंडा पंचायत अंतर्गत गिरजाटोली गांव में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जहां एक ग्रामीण का कच्चा मकान अचानक भरभरा कर गिर पड़ा.
रसोई घर पर गिरा मलबा, गृहस्थी का सामान नष्ट
एडमश में बताया कि भारी बारिश के चलते दीवार की नींव कमजोर हो गई और अचानक पूरी दीवार ढह गई. दीवार गिरने से सारा मलबा सीधे रसोई घर पर जा गिरा. भारी पत्थरों और मलबे के दबाव से छत पर लगे खपड़े पूरी तरह चकनाचूर हो गए. रसोई घर में रखे राशन सामग्री, बर्तन और दैनिक उपयोग के कई जरूरी सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गए. गनीमत रही कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय रसोई के आसपास परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था, जिससे जान-माल की कोई बड़ी क्षति नहीं हुई.
तिरपाल के सहारे रात काटने को मजबूर परिवार
मकान का मुख्य हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बाद अब रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. वर्तमान में परिवार के पांच सदस्य किसी तरह टूटी छत पर प्लास्टिक और तिरपाल डालकर रहने को मजबूर हैं. रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण बाकी बची दीवारों के भी गिरने का अंदेशा बना हुआ है, जिससे परिवार भारी दहशत में रातें गुजार रहा है. पीड़ित परिवार ने स्थानीय प्रशासन और अंचल अधिकारी से स्थल का अविलंब निरीक्षण कर सरकारी सहायता व उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है.
