जैंतगढ़: ओडिशा के क्योंझर जिला अंतर्गत चंपुआ वन क्षेत्र में बुधवार सुबह जंगली हाथी के हमले में एक किसान की मौत हो गयी. मृतक की पहचान चतुरीसाही गांव निवासी विश्वनाथ महानता (48) के रूप में हुई है. घटना के बाद से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के झुंड को तत्काल इलाके से खदेड़ने और मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है.
धान की फसल खाने पहुंचा था दंतैल हाथी
जानकारी के अनुसार, कालिका प्रसाद रिजर्व फॉरेस्ट में पिछले दो दिनों से करीब 25 हाथियों का झुंड डेरा जमाये हुए है. झुंड में शामिल हाथी लगातार आसपास के गांवों में घुसकर धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं. बुधवार सुबह विश्वनाथ बसारा गांव के पास स्थित अपने खेत में फसल की रखवाली करने पहुंचे थे. इसी दौरान उन्होंने खेत में एक दंतैल हाथी को धान की फसल खाते देखा.
भगाने की कोशिश की तो कर दिया हमला
बताया गया कि विश्वनाथ ने हाथी को खेत से भगाने की कोशिश की. इससे हाथी उग्र हो गया और उसने किसान पर हमला कर दिया. जान बचाने के लिए विश्वनाथ भागने लगे, लेकिन हाथी ने उन्हें दौड़ा लिया. इसके बाद खेत में ही हाथी ने उन्हें पैरों तले रौंद दिया. गंभीर रूप से घायल होने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गयी.
सूचना मिलते ही पहुंची वन विभाग की टीम
घटना की सूचना मिलते ही चंपुआ वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है. वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर भी नजर रख रही है. लगातार गांवों में हाथियों के प्रवेश से ग्रामीणों में भय बना हुआ है.
हाथियों को जंगल में खदेड़ने की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है. ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का झुंड लगातार खेतों में पहुंचकर फसलों को नष्ट कर रहा है. अब एक किसान की जान भी चली गयी है. ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के झुंड को आबादी वाले इलाकों से दूर जंगल की ओर खदेड़ने तथा मृतक किसान के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है.
