हाटगम्हरिया.
हाटगम्हरिया हाइस्कूल मैदान में आदिवासी जन जागरुकता मंच कमेटी की ओर से रविवार को नववर्ष जोमषुइम का आयोजन किया गया. वक्ताओं ने हो समाज की संस्कृति, परंपरा और रीति-रिवाजों को संरक्षित रखने पर जोर दिया. कहा कि अपनी विरासत को बचाने और आगे की पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए समाज को एकजुट होकर काम करना होगा. कार्यक्रम में बच्चों ने नृत्य, गीत, हो दुरंग, गणित प्रतियोगिता, चेयर रेस, भाषण प्रतियोगिता, मेंढक रेस, जाटि गलांग समेत अन्य सांस्कृतिक व ज्ञानवर्धक प्रस्तुतियां दी. बच्चों की प्रस्तुतियों के माध्यम से समाज की पहचान, संस्कृति और भविष्य की दिशा पर संदेश दिये गये. मुख्य अतिथि प्रमिला पिंगुवा ने कहा कि समाज को संगठित होकर अपनी संस्कृति की रक्षा करनी होगी. उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो समाज और क्षेत्र को आगे बढ़ा सकता है, इसलिए प्रत्येक परिवार को बच्चों की शिक्षा के प्रति गंभीर होना होगा. उन्होंने आने वाली पीढ़ी को समाज की विरासत से जोड़ने के लिए ठोस पहल करने की बात कही. कार्यक्रम में अनिता कोड़ा, जयप्रकाश लागुरी, विरेंद्र हेंब्रम, बड़कुवर सिंकु, संजय गागराई, मनोज सिंकु, जोन्डिया सिंकु, बुकुल सिंकु, श्याम चरण लागुरी, सुखमती सिंकु, सुमन सिंकु, लेबया चातोंबा सहित कई बुद्धिजीवियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
