Chaibasa News : कई जिंदगी बचाने वाले अनिमेष को मिला रेल सेवा पुरस्कार

साहस और सेवा का सम्मान : ट्रैक मेंटेनर के पद पर कार्यरत हैं अनिमेष दास

चक्रधरपुर.

चक्रधरपुर रेलमंडल के इंजीनियरिंग विभाग में कार्यरत ट्रैक मेंटेनर अनिमेष दास को उनकी अद्वितीय कर्तव्यनिष्ठा और मानवता के लिए “रेल सेवा पुरस्कार ” से सम्मानित किया गया. यह सम्मान उन्हें 30 जुलाई 2024 को बड़ाबांबो और चक्रधरपुर स्टेशन के बीच हुई मेल ट्रेन दुर्घटना में घायल यात्रियों की जान बचाने के उनके साहसिक और मानवीय कार्यों के लिए दिया गया. इस पुरस्कार को सेंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड टीम के अंतर्गत आपातकालीन परिस्थितियों में सेवा भावना के प्रतीक के रूप में प्रदान किया गया.

डीआरएम ने प्रशस्ति पत्र व प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया :

पुरस्कार वितरण समारोह में चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया ने अनिमेष दास को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्नि देकर सम्मानित किया. डीआरएम ने कहा कि भारतीय रेल को अपने ऐसे कर्मियों पर गर्व है, जो अपने कर्तव्यों से आगे बढ़कर मानवता की मिसाल पेश करते हैं. अनिमेष दास जैसे कर्मी वास्तव में प्रेरणास्रोत हैं.

हादसे में दिखायी अद्भुत बहादुरी :

30 जुलाई को हुई दुर्घटना के दौरान अनिमेष दास ने बिना समय गंवाये घायलों को मलबे से बाहर निकालने और उन्हें अस्पताल पहुंचाने में अहम भूमिका निभायी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उन्होंने अपनी जान की परवाह किये बिना कई लोगों की जान बचायी. रेल प्रशासन ने उनके इस साहस को न केवल सराहा, बल्कि कहा कि ऐसे कर्मचारी ही भारतीय रेल की असली ताकत हैं. अनिमेष दास को सम्मान मिलने की खबर से उनके परिवार, सहकर्मियों और स्थानीय क्षेत्र में हर्ष की लहर दौड़ गयी है. परिवार ने बताया कि वे हमेशा से ही निस्वार्थ सेवा भाव से काम करते आए हैं. सम्मान ग्रहण करते हुए अनिमेष ने कहा कि यह पुरस्कार मेरे लिए गर्व की बात है. साथ ही एक जिम्मेदारी भी कि मैं आगे भी लोगों की मदद करता रहूं. यह सम्मान उन सभी के नाम है जो मानवता की सेवा में लगे हैं.

हर मोर्चे पर तैयार रहते हैं अनिमेष

अनिमेष दास केवल रेल हादसों तक सीमित नहीं रहते. सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद, अस्पताल पहुंचाने और इलाज कराने में भी वे हमेशा आगे रहते हैं. इसके अलावा, वे लोगों को सीपीआर जैसे जीवनरक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण भी देते हैं, ताकि आम लोग भी आपातकाल में मदद कर सकें. कोरोना काल में भी उन्होंने जरूरतमंदों की सेवा में बढ़-चढ़कर भाग लिया था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: ATUL PATHAK

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >