मनोहरपुर. मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य की दोनों 108 एंबुलेंस दो माह से खराब पड़ी है. एंबुलेंस खराब रहने से गंभीर रूप से बीमार मरीजों की परेशानी बढ़ गयी है. मनोहरपुर सीएचसी के लिए दो एंबुलेंस हैं. इसमें एक बड़ी और एक छोटी एंबुलेंस है. छोटी एंबुलेंस का फ्यूज बॉक्स 2 फरवरी से खराब हो गयी है, जबकि बड़ी एंबुलेंस का एड बोलो मोटर दो माह से खराब है. छोटी एम्बुलेंस रात में सेवा नहीं दे पाती, जबकि बड़ी एंबुलेंस 10 किलोमीटर चलने के बाद खुद हांफने लगती है. राज्य सरकार की 108 एंबुलेंस स्वास्थ्य सेवा देने में पूरी तरह असमर्थ हो गयी है. ऐसे में मरीजों को निजी वाहन का उपयोग कर दूसरे अस्पताल जा रहे हैं. इसमें मरीजों को तीन से चार हजार रुपये खर्च हो जा रहे हैं. गरीब मरीजों को दो से चार हजार रुपये खर्च उठाने में परेशानी हो रही है. स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस सेवा जल्द शुरू करने की मांग की है.
एंबुलेंस संचालन का जिम्मा दूसरी संस्था को मिली
108 एंबुलेंस के चालकों ने बताया कि पहले इसका संचालन जीबीके संस्था से होता था. हाल के दिनों में इसके संचालन का जिम्मा सम्मान फाउंडेशन के अधीन आ गया है. वहीं संचालन हस्तानांतरण होने से पहले पूर्व की संस्था ने दोनों एंबुलेंसों की मरम्मत नहीं करायी. इस वजह से यह स्थिति उत्पन्न हो गयी है.अब नई संस्था द्वारा एंबुलेंस की मरम्मत कराने के बाद ही सेवा शुरू होगी. सीएचसी में 104 एम्बुलेंस की सुविधा है. इसमें खासकर गर्भवती गंभीर महिलाओं को रेफर किया जाता है. विकट परिस्थिति में भुगतान करने पर एंबुलेंस की सुविधा मरीजों को दी जाती है. शनिवार को एक ऐसा भी मौका आया, जब सीएचसी के एंबुलेंस चालक भी छुट्टी पर गया था. इसी दौरान रायकेरा में हुई सड़क दुर्घटना के शिकार युवक को गंभीर हालत में रेफर कर दिया गया. परंतु चालक की अनुपस्थिति में मनोहरपुर प्रखंड के उप प्रमुख दीपक एक्का ने सेवा भावना की मिसाल पेश करते हुए खुद एंबुलेंस का चालक बनकर मरीज को राउरकेला तक पहुंचाया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
