Chaibasa News : हाथियों की सुरक्षा में सात घंटे थमे रहे ट्रेनों के पहिये

बड़ा हादसा टला. रेलवे की सतर्कता से 22 हाथियों की बची जान, एक दर्जन ट्रेनों का परिचालन रोका गया

चक्रधरपुर. रेलवे ने वन्यजीव संरक्षण के तहत त्वरित कदम उठाते हुए 31 अक्तूबर की रात कई ट्रेनों का परिचालन रोक दिया. चक्रधरपुर रेल मंडल के बिसरा और डी केबिन सेक्शन के बीच लगभग 22 हाथियों का झुंड रेलवे ट्रैक पर आ गया था. स्थिति की जानकारी मिलते ही रेलवे ने सतर्कता बरतते हुए सभी अप और डाउन ट्रेनों को तुरंत रोक दिया. अधिकारियों ने तब तक ट्रेनों को खड़ा रखा, जब तक पूरा झुंड ट्रैक पार नहीं कर गया. इस त्वरित निर्णय से संभावित बड़ी दुर्घटना टल गयी और हाथियों की जान बचाई जा सकी. रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुनिश्चित किया कि सभी हाथी सुरक्षित रूप से ट्रैक से हट चुके हैं, इसके बाद ही ट्रेन परिचालन को बहाल किया गया. डाउन लाइन पर मुंबई-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस, हावड़ा मेल, इतवारी-जयनगर फेस्टिवल स्पेशल, बिलासपुर-टाटा, एरनाकुलम-टाटा, अल्लाप्पुझा-धनबाद एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस-शालीमार एक्सप्रेस और पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस को रोका गया था. वहीं, अप लाइन पर आजाद हिंद एक्सप्रेस, ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस, हावड़ा-मुंबई मेल और टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस को अस्थायी रूप से रोका गया. रेलवे के इस निर्णय की सराहना की जा रही है, जिसने एक बड़ा हादसा होने से टाल दिया.

एलीफेंट जोन में सीटी बजाते हुए धीमी गति से ट्रेन चलाएं

चक्रधरपुर. चक्रधरपुर रेलमंडल के हावड़ा-मुंबई मुख्य रेलमार्ग पर बंडामुंडा-डी केबिन के बीच हाथियों की आवाजाही को देखते हुए रेलवे ने लोको पायलटों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिये हैं. पायलटों से ट्रेनों को ह्विसिल बजाकर धीमी गति से चलाने और ट्रैक व आसपास पर नजर रखने को कहा गया है ताकि हाथियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. गुरुवार रात करीब 10.30 बजे बजे 22 हाथियों के झुंड के कारण इस रूट पर लगभग सात घंटे तक 12 ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ था. इससे पहले भी हाथियों की वजह से ट्रेनों की रफ्तार धीमी करने और कई बार हादसे होने की घटनाएं सामने आयी हैं. रेलवे अब एआइ आधारित इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम लगाने जा रहा है, जिससे हाथियों की उपस्थिति की जानकारी समय रहते मिल सकेगी और दुर्घटनाएं रोकी जा सकेंगी. वन विभाग भी हाथियों को रेलमार्ग से दूर रखने के प्रयास कर रहा है.

मोबाइल व हेडफोन के इस्तेमाल से बचें कर्मी

चक्रधरपुर.चक्रधरपुर के पीडब्ल्यूआइ कार्यालय परिसर में ठंड के मौसम में रेलवे ट्रैक पेट्रोलिंग के दौरान ट्रैकमैनटेनरों, की और गेटमैनों के लिए सेफ्टी सेमिनार आयोजित किया गया. सेमिनार में रेल अधिकारियों ने कर्मचारियों को रेलवे और अपनी सुरक्षा के महत्व पर आवश्यक जानकारी दी. रेल मंडल के सहायक मंडल अभियंता रंजन कुमार और पीडब्ल्यूएइ सनातन साहू, सोमित्रो ने बताया कि रेलवे ट्रैक की सुरक्षा सभी रेलकर्मियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिससे यात्री सुरक्षित सफर कर सकें. कर्मचारियों को पेट्रोलिंग बीट की दूरी कम करने और दो पेट्रोलमैनों को हर संभव गश्ती में नियुक्त करने के निर्देश दिये गये ताकि वे एक-दूसरे की सुरक्षा पर ध्यान दे सकें. रेलवे ट्रैक या आसपास किसी भी असुरक्षा का पता चलने पर संबंधित अधिकारियों को सूचित करने को कहा गया. ऑल इंडिया रेलवे ट्रैक मेंटेनर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चांद मोहम्मद ने पेट्रोलिंग के दौरान मोबाइल फोन और हेडफोन के उपयोग से बचने तथा कान और नाक से सतर्कता से ट्रैक पर चलने का आह्वान किया. उन्होंने कहा, “ट्रैकमेन सुरक्षित रहेंगे तो रेलवे ट्रैक सुरक्षित रहेगा. साथ ही, रेल कर्मचारियों को एसबीआइ के पॉलिसी आरएसपी रेलवे सैलरी पैकेज का लाभ लेने की अपील की गयी.

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Author: ATUL PATHAK

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