निर्माणाधीन बोकारो-रांची (जैनामोड़-ओरमांझी) फोरलेन में कसमार प्रखंड के वनगजरा के पास इंटरचेंज नहीं दिये जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है. ‘प्रभात खबर’ में गुरुवार को इस आशय के समाचार के प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद राजनीतिक एवं सामाजिक स्तर पर भी आवाज तेज होने लगी है. इसी क्रम में रविवार को पोंडा स्थित पंचायत सचिवालय के सामने सर्वदलीय बैठक आयोजित की जा रही है.
बैठक में सामाजिक संगठनों की भी होगी सहभागिता
भाकपा माले के कसमार प्रखंड सचिव शकुर अंसारी ने बताया कि बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. बैठक में वनगजरा के पास इंटरचेंज की आवश्यकता पर चर्चा करने के साथ इसे निर्माण योजना में शामिल कराने के लिए प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों के समक्ष मांग रखने तथा आंदोलन की आगे की रणनीति तय करने पर विचार किया जायेगा.
इंटरजेंज नहीं हुआ तो कसमार के लोगों का सफर होगा लंबा
गौरतलब है कि रांची-बोकारो को जोड़ने वाली जैनामोड़-ओरमांझी फोरलेन सड़क का निर्माण अंतिम चरण में है. फोरलेन के दोनों हिस्सों के बीच सड़क निर्माण का काम तेजी से चल रहा है. वनगजरा के पास पुल का निर्माण भी किया गया है, पर यहां इंटरचेंज नहीं दिया गया है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग कसमार प्रखंड के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. फोरलेन बनने के बाद यदि वनगजरा में इंटरचेंज नहीं हुआ तो कसमार क्षेत्र के लोगों को बोकारो, जैनामोड़ अथवा रांची की ओर जाने के लिए काफी दूर तक पुराने मार्ग का सहारा लेना पड़ेगा.
लोगों की प्रतिक्रिया हुई तीखी और तेज
स्थानीय स्तर पर मांग उठने के बाद राज्य के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए वनगजरा में इंटरचेंज को जरूरी बताया था. हालांकि अब तक विभागीय स्तर पर इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं होने से लोगों में नाराजगी है.
इधर, खबर प्रकाशित होने के बाद क्षेत्र के लोगों में भी इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया है कि वनगजरा में इंटरचेंज की मांग को लेकर होने वाले किसी भी आंदोलन में वे सक्रिय रूप से साथ देंगे.
