ऐश पौंड में ठेकेदारी के वर्चस्व को लेकर हरला थाना क्षेत्र में 18 जुलाई 2024 को महुआर निवासी ठेकेदार शंकर रवानी की हत्या कर दी गयी थी. घटना के 22 माह (एक साल दस माह) बाद भी घटना को अंजाम देने वाले दोनों शूटरों को बोकारो पुलिस पकड़ नहीं पायी है. दोनों शूटर (शिपुल महतो व छोटू) बिहार में घूम रहे हैं. केस के अनुसंधानकर्ता तत्कालीन हरला इंस्पेक्टर अनिल कच्छप के तबादले के बाद जांच की रफ्तार धीमी हो गयी. एसआइटी प्रमुख सिटी डीएसपी आलोक रंजन का भी बुधवार (20 मई 2026) को रामगढ़ तबादला हो गया.
जांच में मिला था एके 47, कारबाइन व विदेशी पिस्टल
मामले में साजिशकर्ता सहित कई लोग गिरफ्तार हुए. इसके बाद बेल पर जेल से बाहर भी आ गये. घटनाक्रम में नया मोड़ तब आया, जब एसआइटी ने सेक्टर 12 थाना क्षेत्र के भारत एकता को-ऑपरेटिव कॉलोनी के एक आवास में छापेमारी की. छापेमारी में प्रतिबंधित हथियार एके 47, कारबाइन, विदेशी पिस्टल जैसे घातक हथियार बरामद हुए. एके-47 की बरामदगी के बाद जांच में एनआइए की इंट्री हो गयी. जांच में एके-47 का कनेक्शन आसाम से जुड़ने लगा. मामले में जांच आज भी जारी है.
हर बार बिहार में शूटरों ने बदला अपना ठिकाना
हत्याकांड को लेकर तत्कालीन एसपी पूज्य प्रकाश द्वारा गठित एसआइटी ने हत्याकांड से पर्दा उठा दिया था. इसके बाद तत्कालीन एसपी मनोज स्वर्गियारी और हरविंदर सिंह ने जांच शुरू की. हर तबादले के बाद जांच की गति धीमी हो गयी. दो शूटरों को पकड़ने के बाद हत्याकांड की जांच पर अंतिम मुहर लगना बाकी है. केस के अनुसंधानकर्ता तत्कालीन हरला इंस्पेक्टर अनिल कच्छप टीम के साथ लगातार कई बार बिहार के पटना स्थित शूटर के ठिकाने पर पहुंचे. लेकिन शूटर के हर बार ठिकाना बदल लेने के कारण पकड़े नहीं जा सके.इनकी हुई थी गिरफ्तारी
एसआइटी ने मामले में अशोक सिंह उर्फ अशोक सम्राट (गुरुद्वारा काॅलोनी पंजाबी मुहल्ला, थाना चास), राजेंद्र दूबे उर्फ राजू दूबे, परिक्षित सिंह उर्फ राजा, श्याम कुमार रवानी, अमीत कुमार रवानी (सभीा महुआर, थाना हरला) को गिरफ्तार किया. फिलहाल सभी बेल पर जेल से बाहर हैं. शूटर विकास व बिट्टू को बिहार के जेल से रिमांड पर लाकर बोकारो में पूछताछ की गयी. इसके बाद बिहार जेल भेज दिया गया. फिलहाल दोनों शूटर बिहार के बेउर जेल में बंद हैं. जबकि दो शूटर शिपूल महतो व छोटू पुलिस पकड़ से बाहर हैं.
