फुसरो शहर में वर्ष 2019 से स्थायी बस स्टैंड नहीं है. फिर भी नगर परिषद की ओर से हर साल इसकी नीलामी की जाती है और लाखों रुपये के राजस्व की वसूली की जाती है. इसके बदले यात्रियों को कोई सुविधा नहीं मिलती है. मालूम हो कि फुसरो बाजार स्थित बस स्टैंड को कोरोना काल से फुसरो नगर परिषद की ओर से सब्जी बाजार बना दिया गया. अब सड़क को ही स्टैंड का नाम देकर राजस्व की वसूली की जा रही है. मुख्य सड़क के किनारे 20 से 25 बसें रुकती हैं. यहां से झारखंड के कई जिलों के अलावा बिहार के बक्सर, दाऊदनगर, बलिया, औरंगाबाद, डेहरी, छपरा, सीवान आदि जगहों के लिए बसें खुलती हैं. निर्मल महतो चौक के पास सड़क के किनारे में विभिन्न जगहों के लिए लंबी दूरी की बसें लगती हैं. धनबाद की ओर जाने वाले यात्रियों को फुसरो सब्जी मंडी के पास ही मुख्य सड़क के किनारे बस का इंतजार करना पड़ता है. सड़क के किनारे बसें व अन्य छोटे वाहन लगते हैं. इसके कारण यहां अक्सर सड़क जाम हो जाती है. गोमिया-हजारीबाग की ओर जाने के लिए यूको बैंक फुसरो के नजदीक तथा टाटा की ओर जाने के लिए भुवनेश्वर सिंह पेट्रोल पंप की दूसरी ओर बसें लगती हैं.
इस स्थिति में जहां-तहां यात्रियों को खड़े रह कर बसों का इंतजार करना पड़ता है. वर्ष 2023 में फुसरो निर्मल महतो चौक के पास बस में चढ़ने के लिए सड़क पार करने के दौरान हाइवा की चपेट में आने से विक्रमगंज थाना के धारुपुर पोखरा निवासी मंजीत सिंह (30) की मौत हो गयी थी.Bokaro News : स्थायी बस स्टैंड है नहीं, हर साल हो रही नीलामी
Bokaro News : फुसरो शहर में वर्ष 2019 से स्थायी बस स्टैंड नहीं है. फिर भी हर साल इसकी नीलामी की जाती है
