Bokaro News : प्रतिनिधि, कसमार. जरीडीह प्रखंड अंतर्गत अराजू पंचायत के ग्रामीणों द्वारा कोलकाता-वाराणसी एक्सप्रेसवे पर बरवाडीह के समीप इंटरचेंज (रिंग रोड) निर्माण की मांग को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने अपना आधिकारिक पक्ष स्पष्ट किया है. इस संबंध में ग्रामीणों की ओर से दर्ज करायी गयी शिकायत के प्रत्युत्तर में एनएचएआइ द्वारा भेजे गये पत्र में यह कहा गया है कि भविष्य में यदि संबंधित मंत्रालय स्तर से निर्देश प्राप्त होते हैं, तो इंटरचेंज निर्माण के प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है. आवेदक चीकू मेहता, महेंद्र कुमार नायक आदि ने बताया कि एनएचएआइ के परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से जारी जवाब में बताया गया है कि वर्तमान में एक्सप्रेसवे का निर्माण स्वीकृत एलाइनमेंट और डीपीआर के अनुसार किया जा रहा है, जिसमें बरवाडीह के पास इंटरचेंज का प्रावधान शामिल नहीं है. हालांकि पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि भविष्य में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से आवश्यकता या निर्देश सामने आते हैं, तो तकनीकी अध्ययन के बाद इस पर निर्णय संभव होगा. एनएचएआइ के इस जवाब से स्पष्ट है कि इंटरचेंज निर्माण की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है, बल्कि इसे मंत्रालय के स्तर पर निर्भर बताया गया है. यही बिंदु ग्रामीणों की मांग को और मजबूत करता है. इधर, पत्र मिलने के बावजूद अराजू पंचायत के ग्रामीण संतुष्ट नहीं हैं. उनका कहना है कि मंत्रालय के निर्देश की प्रतीक्षा में क्षेत्र की उपेक्षा नहीं की जा सकती. इंटरचेंज के अभाव में जरीडीह, कसमार और सीमावर्ती पश्चिम बंगाल के गांवों को इस राष्ट्रीय परियोजना का कोई प्रत्यक्ष लाभ नहीं मिलेगा. श्री मेहता ने कहा कि ग्रामीण इस संबंध में पुनः स्थानीय सांसद से आग्रह करेंगे कि वे संबंधित मंत्रालय से अपने स्तर से सकारात्मक पहल करे, ताकि इंटरचेंज निर्माण की सहमति मिल सके. उल्लेखनीय है कि स्थानीय ग्रामीणों ने इसी मुद्दे को लेकर पंचायत क्षेत्र में एक्सप्रेसवे निर्माण कार्य रोक दिया है और चेतावनी दी है कि जब तक मंत्रालय स्तर से स्पष्ट और ठोस आश्वासन नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा.
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