फुसरो नगर परिषद के तीसरे टर्म का चुनाव में दलीय आधार पर हुआ था. इसमें कांग्रेस प्रत्याशी राकेश कुमार सिंह ने 1765 मतों से जीत हासिल की थी. इस चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए 19 प्रत्याशी मैदान में थे. भाजपा के प्रत्याशी जगरनाथ राम को निर्दलीय अर्चना सिंह ने पीछे छोड़ दिया थी. अर्चना सिंह 5740 मत लाकर दूसरे और जगरनाथ राम 5300 मत लाकर तीसरे स्थान पर रहे थे. जगरनाथ राम ने अपनी हार का ठीकरा पार्टी के कुछ नेताओं पर फोड़ते हुए बयान जारी किया था तथा पार्टी आलाकमान के पास शिकायत की थी. उक्त चुनाव में भाकपा के जवाहरलाल यादव, झामुमो से आलमगीर खान, आजसू से संतोष महतो, बसपा से नीलकंठ रविदास, झामुमो उलगुलान से नरेश महतो, झाविमो से अभय विश्वकर्मा सहित 11 निर्दलीय मैदान में थे.
कई योजनाएं रह गयीं अधूरी
नप के तीसरे कार्यकाल में वर्ष 2008 से पारित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना का टेंडर फाइनल हुआ तथा काम चालू हुआ और अंतिम समय तक निर्माण भी पूरा हो गया. हालांकि नगर के सबसे उपेक्षित क्षेत्र बंधुकबेड़ा, ताराबेडा तथा कारीपानी के लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल पाया है. 2.5-2.5 करोड़ की दो स्वीपिंग मशीन खरीदी गयी. लेकिन सिर्फ ट्रायल तथा ट्रेनिंग के समय तक (लगभग 15-20 दिन) ही मशीनें चली. फिर नगर कार्यालय के सामने खड़ी रह गयीं. सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत 176 करोड़ रुपये के टेंडर फाइनल हुआ, लेकिन योजना जमीन विवाद के कारण अटकी पड़ी है. ठेका लेने वाली कंपनी बाजार का कचड़ा उठा कर जहां तहां
फेंक रही है.
200 करोड़ की नमामी गंगे योजना हुई स्वीकृततीसरे कार्यकाल में ही 200 करोड़ की नमामी गंगे योजना स्वीकृत हुई. इसके पहले चरण में 67 करोड़ से सिंहनगर के पास तथा बेरमो सीम के पास प्लांट का निर्माण कार्य किया जा रहा है. अगले चरण में दामोदर नदी किनारे सौंदर्यीकरण करने की योजना है. 12 सीटर 16 शौचालयों का निर्माण 25-25 लाख रुपये की लागत से किया गया. इसमें ज्यादातर चालू स्थिति में नहीं हैं. 18 मॉडर्न टॉयलेट तीन-तीन लाख में लाये गये. सब कचड़ा का डब्बा बन कर बेकार पड़े हैं. तीन जेसीबी मशीन, एक बॉकेट, 40 टीपर, तीन सेफ्टी टैंकर, 10 पानी टैंकर, 10 ट्रैक्टर, 70 बड़ा डस्टबीन आदि लाये गये. सभी वार्डों में नाली तथा रोड के निर्माण पर डेढ़ से दो करोड़ रुपये खर्च किये गये.
