Bokaro News : सेल की उत्पादन क्षमता 20 से 35 मिलियन टन प्रतिवर्ष करने का है लक्ष्य

Bokaro News : सेल सीएमडी का दो दिवसीय बोकारो दौरा संपन्न हुआ.

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ एके पंडा ने कहा कि कंपनी ने अगले चार-पांच वर्षों में अपनी उत्पादन क्षमता 20 मिलियन टन से बढ़ाकर 35 मिलियन टन प्रतिवर्ष करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. उत्पादन विस्तार के साथ सभी कार्यस्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी. रविवार को डॉ पंडा का दो दिवसीय बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) दौरा संपन्न हुआ. दौरे के दौरान उन्होंने बीएसएल के परिचालन, उत्पादन, वित्तीय स्थिति और भविष्य की विकास योजनाओं की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बीएसएल में बेहतर प्रदर्शन की अपार संभावनाएं हैं. इसके लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने, सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने तथा उत्पादकता में सुधार पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है.

वैल्यू एडेड उत्पादों पर अधिक ध्यान

डॉ एके पंडा ने कहा कि विकास की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए घरेलू खनन को बढ़ावा देना और कच्चे माल की उपलब्धता को सुरक्षित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है. साथ ही, वैल्यू एडेड उत्पादों पर अधिक ध्यान देने, बाजार पहुंच का विस्तार करने, ब्रांड जुड़ाव को मजबूत बनाने और सभी हितधारकों के लिए निरंतर वैल्यू क्रिएशन सुनिश्चित करने के लिए कंपनी प्रतिबद्ध है.

बीएसएल के लिए अहम माना जा रहा दौरा

उल्लेखनीय है कि डॉ एके पंडा ने बीते नौ मई को सेल के अध्यक्ष एवं सीएमडी का पदभार ग्रहण किया था. पदभार संभालने के एक माह के भीतर ही उन्होंने बीएसएल का पहला आधिकारिक दौरा किया. इसे बीएसएल के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. उनके दौरे से कर्मचारियों और अधिकारियों में नयी उम्मीद जगी है. डॉ पंडा सेल की विभिन्न इकाइयों और संयंत्रों में कई महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं. ऐसे में उनके नेतृत्व में बीएसएल के विकास और विस्तार को नयी गति मिलने की उम्मीद जतायी जा रही है.

सेल सीएमडी ने श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों से किया संवाद

सेल के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक डॉ अशोक कुमार पंडा ने बोकारो प्रवास के दौरान शनिवार को बीएसएल के वरीय अधिकारियों से बैठक की. श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों से भी संवाद किया. संवाद में वेतन समझौता, बकाया एरियर, बोनस, छंटनी, विस्थापितों के नियोजन आदि का मामला छाया रहा. इंटक, एटक, सीटू, बीमएमएस, जय झारखंड मजदूर समाज आदि के प्रतिनिधियाें ने अपनी-अपनी मांगों से अवगत कराया. डॉ पंडा ने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता उसके कर्मचारियों व श्रमिकों की प्रतिबद्धता, समर्पण और सहभागिता पर निर्भर करती है. रविवार को बोकारो से विदा होने से पूर्व डॉ पंडा ने बोकारो निवास में पौधरोपण भी किया. संवाद कार्यक्रम में विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी. सीएमडी डॉ पंडा ने सभी बिंदुओं को स्वयं नोट किया. जय झारखंड मजदूर समाज के महामंत्री बीके चौधरी और संयुक्त महामंत्री एनके सिंह ने कहा कि बोकारो स्टील प्लांट की विस्तार योजना को धरातल पर उतारने के लिए प्रबंधन की पहल स्वागत योग्य है, लेकिन कर्मचारियों और स्थानीय विस्थापितों की समस्याओं का समाधान भी उतना ही जरूरी है. उन्होंने गुप्त मतदान के माध्यम से यूनियन चुनाव कराने, 39 माह के एरियर का भुगतान करने आदि की मांग की. बोकारो इस्पात कागमार यूनियन-एटक के अबू नसर ने कहा कि प्लांट के उत्पादन और लाभ में ठेका कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान है. ऐसे में 40 प्रतिशत ठेका मजदूरों की छंटनी न केवल श्रमिकों के हितों के खिलाफ है, बल्कि इसका सीधा असर उत्पादन पर भी पड़ेगा. छंटनी पर रोक नहीं लगी और विस्थापितों को रोजगार नहीं मिला तो असंतोष बढ़ेगा, जिससे बड़ा आंदोलन खड़ा हो सकता है. इसका प्रभाव प्लांट विस्तार परियोजना पर भी पड़ सकता है. बैठक में विस्थापित युवाओं को नियोजन देने, एसडब्ल्यू कर्मियों को परिवार सहित मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, यूएसडब्ल्यू कर्मियों के लिए मोटरसाइकिल गेटपास आदि मुद्दे भी उठे. बैठक में बीएसएल निदेशक प्रभारी प्रिय रंजन, अधिशासी निदेशक (एचआर) राजश्री बनर्जी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. यूनियनों की ओर से आरके सिंह, एसबी सिंह, इंटक से बीरेंद्र चौबे, सीटू से आरके गोरांई, बीएमएस से कृष्णा राय उपस्थित थे.

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