बोकारो. पर्यावरण सुरक्षा का संदेश देने के लिए मंगलवार की सुबह संत जेवियर स्कूल बोकारो के 4000 से अधिक बच्चे सड़क पर उतरे. बच्चों ने पत्थरकट्टा चौक से राम मंदिर चौक तक ह्यूमन चेन बनाकर लोगों का ध्यान पर्यावरण संरक्षण की ओर खींचा. हाथों में पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े संदेश लिखी तख्तियां लेकर बच्चों ने आम लोगों से पौधारोपण को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की.
सुबह करीब आठ बजे शुरू हुआ कार्यक्रम 10 बजे तक चला. इस दौरान सड़क पर बच्चों की लंबी कतार नजर आयी. बच्चों ने लोगों को पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण के प्रति जागरूक किया.
पौधारोपण को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने की अपील
ह्यूमन चेन की शुरुआत स्कूल के प्राचार्य फादर अरुण मिंज एसजे ने की. उन्होंने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा केवल हमारी जरूरत नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेवारी भी है. पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, तभी हमारा भविष्य सुरक्षित रहेगा.
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उन्होंने कहा कि पर्यावरण रहेगा तो जीव-जंतु, पशु-पक्षी और पूरी जैव विविधता भी सुरक्षित रहेगी. बच्चों के सड़क पर उतरने का उद्देश्य स्पष्ट है. सुरक्षित पर्यावरण उनका लक्ष्य है और आम लोगों को भी इस अभियान से जुड़ना चाहिए.
प्राचार्य ने लोगों से अपील की कि विशेष अवसरों के साथ रोजमर्रा की जिंदगी में भी पौधारोपण को शामिल करें. उपहार के रूप में पौधों का लेनदेन करने और घर के अंदर व बाहर पौधे लगाने की आदत विकसित करने की जरूरत है.
शिक्षकों और यातायात पुलिस ने भी दिया साथ
ह्यूमन चेन में ट्रैफिक इंस्पेक्टर नीतीश कुमार, स्कूल कोषाध्यक्ष फादर थॉमस रोड्रिग्स, उप प्राचार्य देवाशीष गुप्ता, उप प्राचार्य दीपक चौधरी, सिस्टर सुनीता, सिस्टर अनुपम, निबंध सोनिया सोलोमन, सहायक अर्चना कुमारी, प्रबंधक सचित, कार्यालय सहायक राजेश कुमार समेत स्कूल के दर्जनों शिक्षक-शिक्षिकाएं और शिक्षकेतर कर्मचारी शामिल हुए.
कार्यक्रम में यातायात पुलिस के एक दर्जन से अधिक अधिकारी और जवान भी मौजूद रहे. बच्चों की ह्यूमन चेन के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पुलिसकर्मियों ने सहयोग किया.
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बच्चों ने दिया पर्यावरण बचाने का संदेश
हाथों में तख्तियां लेकर सड़क पर खड़े बच्चों ने लोगों को पौधों के महत्व और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया. स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बच्चों के माध्यम से समाज तक पर्यावरण बचाने का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया है. कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को यह समझाना था कि पौधे केवल हरियाली नहीं, बल्कि सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य का आधार हैं.
