फुसरो बाजार के फुलमंडी के समीप माली मालाकार कल्याण समिति की ओर से शनिवार को भारत की पहली शिक्षिका सावित्री बाई फुले की जयंती मनायी गयी. लोगों ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. वक्ताओं ने कहा कि सावित्री बाई फुले ने महिलाओं के अधिकारों के लिए लंबी लड़ाई लड़ी. समाज सुधारक के साथ दार्शनिक और कवयित्री भी थीं. महाराष्ट्र के सतारा में जन्मी सावित्रीबाई ने महिलाओं और बच्चों की शिक्षा के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान दिया. विधवाओं के उत्थान के लिए भी अथक प्रयास किये.
मौके पर क्षेत्रीय कलाकार गुडडू बरनवाल, सोनू राज, धनबाद की उर्मिला ने एक से बढ़ कर एक भक्ति व देशभक्ति गीत प्रस्तुत किये. कार्यक्रम को बेरमो के पूर्व विधायक योगेश्वर महतो बाटुल, चंद्रपुरा की पूर्व प्रमुख अनिता गुप्ता, अग्रवाल कल्याण महासभा के अनिल अग्रवाल, कांग्रेस नेता श्यामल कुमार सरकार, सूरज मितल, बीएमएस नेता रवींद्र कुमार मिश्रा, जिप सदस्य नीतू सिंह, फुसरो नप के पूर्व उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार, पूर्व पार्षद भरत वर्मा, सहोदरी देवी, झामुमो के हीरालाल मांझी, दीपक महतो, कैलाश ठाकुर, अर्पिता महिला मंडल की अध्यक्ष रूपा सिन्हा, पूजा मोहंती आदि ने संबोधित किया.मौके पर युवा व्यवसायी संघ फुसरो के कोषाध्यक्ष राकेश मालाकार, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अर्चना सिंह, फुसरो युवा व्यवसायी संघ के अध्यक्ष बैभव चौरसिया, कांग्रेस नेता उत्तम सिंह, बीएमएस संत सिंह, भाजपा के दिनेश यादव, अनिल गुप्ता, आजसू के महेंद्र चौधरी, झामुमो के सलीम जावेद, आनंद कुमार, बेरमो बीस सूत्री उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार चांडक, बोकारो चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के मंजूर हुसैन, युवा व्यवसायी संघ फुसरो के संरक्षक मो कलाम खान, सचिव बैजू मालाकार, बेरमाे चेंबर ऑफ कॉमर्स के सुशांत राईका, समिति के लक्ष्मण मालाकार, पंकज मालाकार, संजीत मालाकार, शिवकुमार मालाकार, मुरारी मालाकार आदि उपस्थित थे.
भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने दी श्रद्धांजलि
भीम आर्मी भारत एकता मिशन फुसरो नगर कमेटी की ओर से पुराना बीडीओ ऑफिस के बाबा आंबेडकर के प्रस्तावित प्रतिमा स्थल में सावित्री बाई फुले की जयंती मनायी गयी. कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष नकुल रविदास और संचालन नगर सचिव बिट्टू घासी ने किया. लोगों ने सावित्री बाई फुले और बाबा आंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण किया. भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष गोवर्धन रविदास ने कहा कि माता सावित्री बाई फुले और उनकी सहेली माता फातिमा शेख मिलकर वर्ष 1848 में पहली बार महिलाओं के लिए स्कूल की स्थापना की थी. उस समय सामंती सोच वालों ने स्कूल चलाने में अड़चनें पैदा की थी. मगर इनके जुनून और लगन को कम नहीं कर पाये थे. झामुमो सह सचिव राजेश राम व बसपा नेता फूलचंद रविदास ने कहा कि सभी स्कूलों में इनकी जीवनी पढ़ायी जाये. कार्यक्रम में धरम घासी, कैलाश महतो, बामसेफ मूलवासी संघ के संत कोरी लाल, बिनोद रविदास, मनोज शर्मा, अशोक दास, अनुराग कुमार, नंदिनी कुमारी, राजेश रविदास, नरेश रविदास, जुगल रविदास आदि मौजूद थे.
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