कसमार. शिक्षा, रोजगार और मजदूरों के अधिकार से जुड़े मुद्दों को लेकर रिवॉल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (आरवाइए) कसमार में आंदोलन तेज करेगा. रविवार को कसमार उच्च विद्यालय के पास आरवाइए कसमार प्रखंड कमेटी की बैठक में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गयी. बैठक की अध्यक्षता नजमा खातून ने की. मुख्य अतिथि भाकपा माले नेता शकुर अंसारी ने युवाओं से अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर संघर्ष करने का आह्वान किया.
‘शिक्षा सुधारो, रोजगार दो’ होगी प्रमुख मांग
बैठक में ‘शिक्षा सुधारो, रोजगार दो’ को प्रमुख मांग बनाकर आंदोलन चलाने पर सहमति बनी. संगठन ने सभी संस्थानों से ठेका प्रथा समाप्त करने, अनुकंपा प्रथा समाप्त करने और अनुकंपाकर्मियों को नियमित करने की मांग उठायी. इसके अलावा सभी के लिए न्यूनतम 26 हजार रुपये मासिक वेतन निर्धारित करने की मांग को लेकर भी आंदोलन करने का निर्णय लिया गया.
ये भी पढ़ें: 14 से 20 सितंबर तक ट्रेनों के परिचालन में बदलाव, आद्रा मंडल में कई मेमू रद्द; यात्रा से पहले चेक करें स्थिति
युवाओं को संगठित करने पर जोर
शकुर अंसारी ने कहा कि युवाओं के नेतृत्व में ऐतिहासिक जंतर-मंतर आंदोलन के बाद देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में आंदोलन चल रहे हैं. इन आंदोलनों के दबाव में केंद्र सरकार को कई मामलों में पीछे हटना पड़ा है. उन्होंने कहा कि देश में बदलाव की लड़ाई में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है. युवाओं को अपने सवालों को लेकर संगठित होकर आंदोलन को आगे बढ़ाना होगा.
शिक्षा-रोजगार के साथ मजदूरों के मुद्दे भी उठेंगे
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा और रोजगार के सवाल पर युवाओं को एकजुट करने के साथ श्रमिकों से जुड़े मुद्दों को भी आंदोलन का हिस्सा बनाया जायेगा. कसमार में संगठन को मजबूत करते हुए इन मांगों को लेकर आंदोलन को व्यापक रूप देने पर चर्चा हुई.
ये भी पढ़ें: आरक्षण या आर्थिक आधार? 'जिओ और जीने दो' की संगोष्ठी में उठी समीक्षा की मांग
बैठक में नजमा खातून, सीमा परवीन, पिंकी कुमारी, पायल कुमारी, इंदुनाथ कुमार, प्रदीप कुमार महतो, कौशल कुमार, ममता देवी, झरकरी खातून, निकहत परवीन, रुखसाना खातून, हर्षित महाराज, जस्मीन प्रवीण, हसीना खातून समेत अन्य लोग मौजूद थे. अंत में माले नेता राजू महतो ने धन्यवाद ज्ञापन किया.
