Bokaro News : झारखंड में तेजी से बढ़ रहे हाई ब्लड शुगर के मरीज

Bokaro News : झारखंड में हाई ब्लड शुगर के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-6 (2023-24) की हालिया

रिपोर्ट

झारखंड में

हाई ब्लड शुगर के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता बढ़ाने वाली है.

रिपोर्ट के अनुसार,

राज्य में

हाई ब्लड शुगर से पीड़ित लोगों की संख्या में पिछले सर्वे की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गयी है. वर्ष 2019-21 में

जहां 14.1 प्रतिशत लोग

हाई ब्लड शुगर से पीड़ित थे और इसके नियंत्रण के लिए दवा का सेवन कर रहे थे, वहीं 2023-24 में यह आंकड़ा बढ़कर 21.8 प्रतिशत हो गया.

रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि शहरी क्षेत्रों में स्थिति ग्रामीण इलाकों की तुलना में अधिक गंभीर है.

राज्य के शहरी क्षेत्रों में 26.6 प्रतिशत लोग

हाई ब्लड शुगर से पीड़ित हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा 20.4 प्रतिशत है.

महिलाओं में भी बढ़ी समस्या :

महिलाओं के बीच भी

हाई ब्लड शुगर के मामलों में तेजी से वृद्धि दर्ज की गयी है. वर्ष 2019-21 में

जहां 10.2 प्रतिशत महिलाएं

हाई ब्लड शुगर से पीड़ित थीं, वहीं 2023-24 में यह आंकड़ा बढ़कर 15 प्रतिशत हो गया. शहरी

महिलाओं में समस्या अधिक गंभीर है.

रिपोर्ट के अनुसार, शहरी क्षेत्रों की 19.2 प्रतिशत महिलाएं

हाई ब्लड शुगर से पीड़ित हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा 14 प्रतिशत है.

बॉक्स

हाई ब्लड प्रेशर के मामलों में आयी कमी :

जहां

हाई ब्लड शुगर के मामलों में वृद्धि दर्ज की गयी है, वहीं

हाई ब्लड प्रेशर के मामलों में कमी आयी है.

रिपोर्ट के अनुसार,

राज्य में

हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित पुरुषों की संख्या 22.6 प्रतिशत से घटकर 17 प्रतिशत हो गयी है. ब्लड प्रेशर के मामले में भी शहरी क्षेत्र की स्थिति ग्रामीण से खराब है. शहरों में 22.3% लोग

हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 15.5% लोग इससे पीड़ित हैं. अगर बात

महिलाओं की करें, तो 13 प्रतिशत महिलाएं ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने की दवा ले रही हैं. 2019-21 में यह आंकड़ा 17.8% था. शहरी क्षेत्र के 17.9% व ग्रामीण क्षेत्र की 11.8% महिलाएं इससे पीड़ित हैं.

झारखंड में शराब पीनेवालों की संख्या में आयी कमी

राज्य में शराब का सेवन करनेवालों की संख्या में कमी आयी है. 2023-24 की

रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के 33.6 प्रतिशत लोग शराब का सेवन कर रहे हैं, जबकि 2019-21 में यह आंकड़ा 34.9 प्रतिशत था. जानकर हैरानी होगी कि शहर के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में शराब पीने वाले अधिक हैं. 22 प्रतिशत शहरी, जबकि 37.3 प्रतिशत ग्रामीण लोग शराब का सेवन करते हैं. अगर महिला वर्ग की बात की जाये, तो प्रदेश में मात्र 5.5 प्रतिशत महिलाएं ही शराब का सेवन कर रही हैं. 2019-21 में 6.1 प्रतिशत महिलाएं शराब का सेवन करती थीं

अब भी हर तीसरा आदमी कर रहा तंबाकू का सेवन

तंबाकू सेवन करनेवालों की संख्या में भी कमी आयी है. हालांकि

अब भी हर तीसरा आदमी किसी न किसी रूप में

तंबाकू खा रहा है. प्रदेश में 45.2 प्रतिशत लोग

तंबाकू का किसी ना किसी रूप में सेवन कर रहे हैं, जबकि 2019-21 की

रिपोर्ट में 47.4 प्रतिशत लोग

तंबाकू का सेवन कर रहे थे.

तंबाकू सेवन में ग्रामीण क्षेत्र आगे है. 48.7 प्रतिशत ग्रामीण

तंबाकू का उपयोग कर रहे हैं, जबकि शहरों में 34.5 प्रतिशत लोग सेवन करते हैं.

महिलाओं की बात करें, तो कुल 7.5 प्रतिशत महिलाएं

तंबाकू की शौकीन हैं. इनमें से 8.5 प्रतिशत महिलाएं ग्रामीण व 4.0 प्रतिशत शहरी क्षेत्र की हैं.

बाल विवाह में आयी है कमी

रिपोर्ट के अनुसार,

बाल विवाह की दिशा में

झारखंड ने बेहतर काम किया है.

रिपोर्ट बनाते समय 20-24 आयुवर्ग की

महिलाओं के बीच सर्वे किया गया. सर्वे में 18 साल से कम आयु में शादी करनेवालों की संख्या का डाटा इसकी पुष्टि करता है. 2019-21 में

जहां इस सेगमेंट में 32.2 प्रतिशत

महिलाओं की शादी कम उम्र में दर्ज की गयी थी, वहीं 2023-24 में यह आंकड़ा गिरकर 28.1 प्रतिशत हो गया. इसी तरह पुरुषों में आंकड़ा 22.7 प्रतिशत से गिरकर 18.7 प्रतिशत हो गया.

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