अमलो बस्ती में रविवार को अमलो और कारो बस्ती के विस्थापितों व मूलवासियों की बैठक हुई. अध्यक्षता पुनीत गिरि और संचालन गौतम महतो ने किया. वक्ताओं ने कहा कि हम लोगों के घर से माइंस सट गयी है. फिर भी सीसीएल प्रबंधन ब्लास्टिंग कर रहा है और इससे पत्थर उड़ कर घरों पर आ जाता है. कभी भी हादसा हो सकता है. प्रबंधन हम सभी को उचित स्थान पर पुनर्वासित करें और बकाया नौकरी, मुआवजा दें.
विस्थापित नेता बेनीलाल महतो ने कहा कि प्रबंधन विस्थापितों की भूमि अधिग्रहण कर सीसीएल नौकरी, मुआवजा, पुनर्वास और विस्थापित बेरोजगारों को रोजगार दे, विस्थापित सीसीएल को कोयला उत्पादन में सहयोग करेंगे. आगे कहा कि हेमंत सोरेन सरकार पेसा कानून लाकर आदिवासियों और मूलवासियों को लड़ा रही है. 22 प्रतिशत आदिवासियों के पक्ष में खड़ी होकर मूलवासियों और अल्पसंख्यकों को नजरअंदाज किया है. इस कानून को स्वीकार नहीं किया जायेगा. कहा कि मुख्यमंत्री सहित कोई मंत्री आंदोलनकारी नहीं हैं, वे आंदोलन का उद्देश्य क्या समझेंगे. राज्य में भ्रष्टाचार व्याप्त है. कोयला, लोहा, बालू की लूट हो रही है. केंद्र सरकार से मांग है कि पेसा कानून को लागू नहीं होने दें. इस कानून के विरोध में जगह-जगह पुतला दहन किया जायेगा.विस्थापितों को ठगने का आरोप
नरेश महतो ने कहा कि सीसीएल प्रबंधन ने पूरे बेरमो कोयलांचल के विस्थापितों को उनकी जमीन के बदले नौकरी, मुआवजा और पुनर्वास नहीं देकर ठगा है. इसके खिलाफ जोरदार आंदोलन किया जायेगा. बैठक में शंभू नाथ महतो, बसंत सोनी, राजेश कमार, हरेंद्र ठाकुर, रोहन कमार, नरेश करमाली, वीरेंद्र चौहान, जितेंद्र ठाकुर, बबलू रवानी, महेंद्र मंडल, सहदेव मांझी, निर्मल महतो, गोपाल महतो, जगदीश महतो, बुधन टुडू, कपिल देव चौहान, अमीर लाल मांझी आदि मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
