Bokaro News : प्रतिनिधि, फुसरो. सीसीएल ढोरी प्रक्षेत्र के एएडीओसीएम (अमलो) परियोजना से प्रभावित पुरानाटांड़ के विस्थापितों ने गुरुवार को बंद हाइवाल आउटसोर्सिंग (मेंशोल कंपनी) माइंस में विरोध-प्रदर्शन कर उत्पादन कार्य रोक दिया. इसके बाद आउटसोर्सिंग कंपनी हाइवाल माइनिंग मशीन को लेकर वापस लौट गयी. विस्थापित लालमोहन यादव, राजेश गुप्ता ने कहा कि प्रबंधन विस्थापितों के जमीन के एवज में नियोजन एवं मुआवजा उपलब्ध कराये. उसके बाद विस्थापित खदान को चालू होने देंगे. कहा कि 1984 में सीसीएल ने हमलोगों की जमीन को अधिग्रहण किया था. लेकिन प्रबंधन द्वारा अबतक हमलोगों को नौकरी और मुआवजा उपलब्ध नहीं कराया है. विस्थापितों ने कहा कि अमलो परियोजना के अधीन संचालित हाइवाल माइनिंग माइंस को प्रबंधन द्वारा सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर माइंस संचालन कर रहा है. कहा कि हाईवाल मशीन द्वारा घर के नीचे से इंकलाइन बनाकर कोयला निकालने का काम किया जायेगा. जिससे भू-धंसान की संभावना भी बनी रहेगी. विदित हो कि 25 दिसंबर को आउटसोर्सिंग हाइवाल माइनिंग माइंस में बोल्डर (पत्थर) की चपेट में आने से एक ठेका मजदूर पंप ऑपरेटर हिमांशु राज की दर्दनाक मौत हो गयी थी, जिसके बाद डीजीएम, डीडीएमएस व डीएमएस ने आउटसोर्सिंग हाइवाल माइंस का निरीक्षण कर अगले आदेश तक उत्पादन कार्य पर रोक लगा दिया था. मौके पर मोहन यादव, भागीरथ करमाली, प्रकाश पंडित, बबली देवी, मंजू देवी, वासुदेव तुरी, धनवा देवी, अशोक भुईया, पदमा देवी, बसंती देवी, सुनीता देवी, पवन तुरी आदि मौजूद थे.
Bokaro News : विस्थापितों ने बंद हाइवाल आउटसोर्सिंग माइंस में किया विरोध प्रदर्शन
Bokaro News : नियोजन एवं मुआवजा देने के बाद ही शुरू होगा उत्पादन
