बोकारो. सिटी सेंटर और सेक्टर मार्केट में अनियमित बिजली आपूर्ति से प्लॉट होल्डर्स परेशान हैं. बिजली की पर्याप्त और निर्बाध आपूर्ति नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरी में डीजी सेट का उपयोग करना पड़ता है. इसके लिए डीजल, रख-रखाव और संचालन का खर्च भी प्लॉट होल्डर्स को ही वहन करना पड़ता है.
ऐसे में बीएसएल की ओर से डीजी सेट के लिए अतिरिक्त लाइसेंस शुल्क लगाने के फैसले का व्यवसायिक प्लॉट होल्डर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने विरोध किया है.
एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र विश्वकर्मा ने रविवार को कहा कि प्लॉट होल्डर्स पहले से नियमित रूप से बिजली शुल्क का भुगतान कर रहे हैं. इसके बावजूद सिटी सेंटर में बिजली की समस्या बनी हुई है. ऐसे में डीजी सेट के लिए 1,350 रुपये प्रतिमाह का अतिरिक्त लाइसेंस शुल्क लगाना न्यायसंगत नहीं है.
14 से 19 सितंबर तक आवेदन की अवधि
उल्लेखनीय है कि बीएसएल की ओर से शनिवार को जारी सूचना में डीजी सेट की स्थापना और नियमितीकरण के लिए निर्धारित स्थान के आवंटन को लेकर आवेदन आमंत्रित किये गये हैं. आवेदन की अवधि 14 सितंबर से 19 सितंबर 2026 तक निर्धारित की गयी है.
राजेंद्र विश्वकर्मा ने कहा कि प्लॉट होल्डर्स पहले से कई तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं. ऐसे में डीजी सेट के लिए 1,350 रुपये प्रतिमाह का अतिरिक्त शुल्क उनके लिए एक और आर्थिक बोझ है. उन्होंने बीएसएल से डीजी सेट के लिए प्रस्तावित स्थान प्लॉट होल्डर्स को नि:शुल्क उपलब्ध कराने की मांग की.
रोज 8 से 10 घंटे बिजली कटौती का दावा
राजेंद्र विश्वकर्मा ने कहा कि शहर में प्रतिदिन करीब 8 से 10 घंटे बिजली कटौती हो रही है. इसका सीधा असर सिटी सेंटर और सेक्टर मार्केट के व्यवसायियों के कारोबार पर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि प्लॉट होल्डर्स को कम से कम 23 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलने तक डीजी सेट के लिए प्रस्तावित स्थान नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाना चाहिए.
उन्होंने उम्मीद जतायी कि बीएसएल प्लॉट होल्डर्स की वास्तविक स्थिति और उनके द्वारा पहले से भुगतान किये जा रहे बिजली शुल्क को ध्यान में रखते हुए मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा और अतिरिक्त आर्थिक बोझ से राहत देगा.
