चास प्रखंड के ग्वालडीह गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है. गांव के लगभग 100 से अधिक परिवार पानी के लिए आज भी 50 साल पुराने जर्जर कुएं पर निर्भर हैं. कुएं के अंदर जमी गंदगी से बीमारी फैलने का डर है, लेकिन विवशता में लोग इसी पानी का उपयोग कर रहे हैं. समस्या को लेकर गांव महिलाओं ने गुरुवार को कुएं के समक्ष प्रदर्शन किया. प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी जतायी. कहा कि इसी कुएं के पानी का उपयोग पीने, नहाने और घरेलू कार्यों के लिए करते हैं. गर्मी के कारण तालाब में पानी काफी कम हो गया है. तालाब के पानी से स्नान करने पर खुजली जैसी समस्या होने लगी है. इसके कारण पुरुष और बच्चे भी कुएं में ही स्नान करने को विवश हैं. कुएं का जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है.
आंदोलन की चेतावनी
लखी देवी, सरस्वती देवी, सुन्दरा देवी, रैवती देवी, कलावती देवी, लुधिया देवी, चंपा देवी, खुशिया देवी, सुगा देवी, काजला देवी और मंजु देवी ने बताया कि कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया गया है. बोकारो विधायक ने कुएं की मरम्मत कराने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन अब तक कार्य शुरू नहीं हुआ. ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द पेयजल व्यवस्था दुरुस्त कराने और कुएं की मरम्मत कराने की मांग की है. महिलाओं ने कहा कि शीघ्र समस्या का समाधान नहीं हुआ तो चास प्रखंड कार्यालय में आंदोलन किया जायेगा.
