कसमार: जरीडीह प्रखंड अंतर्गत अराजू पंचायत के कमलापुर निवासी 30 वर्षीय प्रवासी मजदूर पुष्पा कुमारी की तमिलनाडु के तिरुपुर में इलाज के दौरान मौत हो गयी। रविवार को उनका शव गांव पहुंचा, जिसके बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
पुष्पा कुमारी (पिता- सुंदरलाल तुरी) करीब 15-20 दिन पहले सिलाई सेंटर में काम करने के लिए तमिलनाडु के तिरुपुर गयी थीं। 30 जुलाई की शाम अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गयी, जिसके बाद उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 31 जुलाई की सुबह उनकी मौत हो गयी।
अस्पताल की ओर से जारी मेडिकल प्रमाण पत्र में मौत का कारण सेप्सिस के कारण मल्टीपल ऑर्गन डिसफंक्शन सिंड्रोम बताया गया है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद अराजू मुखिया प्रतिनिधि आनंद कुमार बेसरा ने श्रम विभाग को पत्र लिखकर शव लाने के लिए सहायता की मांग की। वहीं, समाजसेवी चीकू मेहता ने सोशल मीडिया के माध्यम से उपायुक्त बोकारो का ध्यान मामले की ओर आकृष्ट कराया। इसके बाद जिला प्रशासन ने श्रम विभाग और स्टेट माइग्रेशन सेल के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
हालांकि, परिजनों का कहना है कि तमिलनाडु से शव लाने में उन्हें करीब एक से डेढ़ लाख रुपये खर्च करने पड़े। उनका कहना है कि श्रम विभाग से मिलने वाली 50 हजार रुपये की सहायता राशि पर्याप्त नहीं है।
मृतका की बड़ी बहन तिरुपुर में घटनास्थल से करीब 30 किलोमीटर दूर एक कंपनी में काम करती है। वहीं, भस्की गांव की एक युवती भी पुष्पा के साथ उसी सिलाई सेंटर में काम करती थी। दोनों ने जरूरी प्रक्रिया पूरी कर अपने स्तर से एक लाख चार हजार रुपये की व्यवस्था कर शव को गांव पहुंचाया।
घटना के बाद जयमंगल सिंह, दीपक, खुर्शीद अंसारी, लंबू तुरी, तिलक सिंह और सुंदरलाल तुरी समेत कई लोग परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे।
