‘यह कैसी आजादी?’ देवेंद्रनाथ महतो के साथ रांची के सदर अस्पताल में बर्ताव पर बरसे जयराम महतो

डुमरी विधायक जयराम महतो ने रांची के सदर अस्पताल में अनशनकारी देवेंद्रनाथ महतो के साथ कथित दुर्व्यवहार पर पुलिस-प्रशासन को घेरा. उन्होंने सवाल उठाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन पर रोक लगाना कैसी आजादी है.


बोकारो: अनशनकारी देवेंद्रनाथ महतो के साथ रांची के सदर अस्पताल में हुए कथित दुर्व्यवहार को लेकर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के केंद्रीय अध्यक्ष एवं डुमरी विधायक जयराम महतो ने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जतायी है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर यह कैसी आजादी है, जहां भूख हड़ताल और सत्याग्रह के जरिए अपनी मांग रखने पर भी रोक लगायी जा रही है.

आजादी का मतलब भय और शोषण से मुक्ति भी

जयराम महतो ने कहा कि आजादी का अर्थ केवल विदेशी शासन और ताकतों से मुक्त होना नहीं था. आजादी का वास्तविक अर्थ भय, भूख, भ्रष्टाचार, शोषण और जुल्म से मुक्ति भी है. उन्होंने कहा कि यदि देश में शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह और आंदोलन करने पर भी कार्रवाई की जाती है, तो आजादी के वास्तविक मायने पर सवाल उठना स्वाभाविक है.

देवेंद्रनाथ महतो के समर्थन में उठायी आवाज

विधायक ने कहा कि देवेंद्रनाथ महतो ने युवाओं को जागरूक करने और उनके अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने का काम किया है. ऐसे में उनके साथ कथित तौर पर किया गया व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है. उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों को बातचीत और लोकतांत्रिक तरीके से सुलझाया जाना चाहिए.

‘पूरा राज्य देख रहा है’

जयराम महतो ने कहा कि देवेंद्रनाथ महतो के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार को पूरा राज्य देख रहा है. उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन में शामिल लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए. प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए आंदोलन की आवाज को दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है.

आंदोलनकारियों से एकजुट होने की अपील

जेएलकेएम अध्यक्ष ने युवाओं और आंदोलन से जुड़े लोगों से एकजुट होने की अपील की. उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से आंदोलन की आवाज दबने वाली नहीं है, बल्कि इससे आंदोलन को और मजबूती देने की जरूरत है. उन्होंने युवाओं से अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाते रहने का आह्वान किया.

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शांतिपूर्ण आंदोलन नागरिकों का अधिकार

जयराम महतो ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण आंदोलन और सत्याग्रह नागरिकों का अधिकार है. आंदोलनकारियों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार स्वीकार्य नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को आंदोलनकारियों की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास करना चाहिए. उन्होंने लोगों से एकजुट होकर आंदोलन को और धार देने का आह्वान किया. जयराम महतो के बयान के बाद देवेंद्रनाथ महतो के साथ अस्पताल में हुए कथित व्यवहार को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज होने के संकेत हैं.

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By Uday giri

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