बोकारो. सफलता यूं ही नहीं मिल जाती है, बल्कि इसके लिए मेहनत व परिश्रम जरूरी है. चिन्मय विद्यालय बोकारो के इशान गोप की सफलता की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. इशान गोप री-नीट 2026 में ऑल इंडिया रैंक 517 रैंक (99.972 परसेंटाइल) हासिल कर बोकारो जिला टॉपर रहे. सोमवार को इशान माता-पिता के साथ चिन्मय विद्यालय पहुंचे. स्कूल प्रबंधन की ओर से इशान को सम्मानित किया गया.
सचिव महेश त्रिपाठी, प्राचार्य सूरज शर्मा, वरीय उप प्राचार्य नरमेंद्र कुमार व उप प्राचार्य डॉ रोशन शर्मा उपस्थित रहे. इशान ने अपने गुरुजनों का आशीर्वाद लिया. सभी ने उसके उज्जवल भविष्य की कामना की.इशान के पिता भागीरथ गोप केंद्रीय सरकार के कर्मचारी और माता श्वेता कुमारी गृहिणी हैं. मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं.
इशान ने बताया कि चिकित्सा में अपना भविष्य कम उम्र से ही चुन लिया था. घर में हमेशा से माहौल ऐसा ही मिला कि चिकित्सा की ओर रुचि बन गयी. बचपन में चाचा ह्यूमन बॉडी पार्ट का चार्ट लाते थे, जिसे देखना व समझना अच्छा लगता था. इशान के पिता भी अपने प्रारंभिक दिनों में जूलौजी के शिक्षक थे, जिसका नीट की तैयारी में फायदा भी मिला.
इशान ने कहा कि सफलता का मूल मंत्र नियमित अभ्यास रहा. दो महीने से अधिक समय तक सैंपल टेस्ट व मॉक टेस्ट का अभ्यास किया. विषय के प्रति रुचि रहने पर कॉन्सेप्ट समझना सरल होता है. नीट पेपर के कैंसिल होने के बाद थोड़ी घबराहट थी. री-नीट की तैयारी के लिए मात्र एक महीने का समय था. लेकिन, हतोत्साहित नहीं हुआ और अभ्यास जारी रखा. संयोग ऐसा भी था कि नीट व री-नीट दोनों परीक्षा के दिन तबीयत ठीक नहीं थी, फिर भी पूरे लगन से परीक्षा दी.
खुद को न्यूरो सर्जन के रूप में देखना चाहते हैं इशान
इशान ने नीट की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सलाह देते हुए कहा कि परिस्थिति चाहे कोई भी हो, हार नहीं मानना चाहिए. हर चुनौती को स्वीकार करते हुए अभ्यास जारी रखना चाहिए. इशान खुद को न्यूरो सर्जन के रूप में देखना चाहते हैं. उनकी रुचि न्यूरोलॉजी व दिमाग की चिकित्सा की ओर अधिक है. इशान ने कहा कि वे एक अच्छे और सफल डॉक्टर बन कर लोगों की सेवा करना चाहते हैं. उनके चेहरे पर मुस्कान लाना चाहते हैं.
