सेक्टर-02 स्थित प्रधान डाकघर भवन की मरम्मत का टेंडर स्वीकृत हुए करीब एक साल बीत चुका है, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ है. जर्जर भवन में रोजाना कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंच रहे हैं.
कई जगह छत का प्लास्टर और कंक्रीट उखड़ चुका है. छत पर दरारें हैं और क्षतिग्रस्त हिस्से किसी भी समय गिरने की आशंका बनी हुई है. बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है. छत से पानी रिसकर फर्श और काउंटर तक पहुंच जाता है.
वरिष्ठ डाकघर अधीक्षक से किया गया है अनुरोध
प्रधान डाकघर की पोस्टमास्टर अर्चना कुमारी ने 31 अगस्त 2026 को वरिष्ठ डाकघर अधीक्षक, धनबाद डिवीजन को पत्र भेजकर मरम्मत कार्य जल्द शुरू कराने का अनुरोध किया है. पत्र में भवन की जर्जर स्थिति और मरम्मत में हो रही देरी का उल्लेख किया गया है.
कर्मचारियों की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पत्र पर प्रधान डाकघर के सभी कर्मचारियों ने हस्ताक्षर कर जल्द मरम्मत कराने की मांग का समर्थन किया है.
बारिश में काउंटर तक पहुंचता है पानी
बारिश के दौरान छत से पानी रिसने के कारण कार्यालय के अंदर फर्श और काउंटर के आसपास पानी जमा हो जाता है. इससे फिसलन की स्थिति बनती है। साथ ही कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है. कर्मचारियों का कहना है कि क्षतिग्रस्त छत के नीचे बैठकर काम करना जोखिम भरा है. जर्जर हिस्सों से प्लास्टर या कंक्रीट गिरने की आशंका बनी रहती है.
महिला शौचालय की हालत भी खराब
भवन की जर्जरता का असर शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं पर भी दिखाई दे रहा है. महिला शौचालय का दरवाजा टूटकर एक ओर झुक गया है. आसपास की दीवारों का प्लास्टर उखड़ चुका है. छत पर भी जर्जरता के निशान स्पष्ट दिखाई देते हैं.
पुरुष शौचालय की छत और दीवारों की स्थिति भी खराब बतायी जा रही है. ऐसे में कर्मचारियों और ग्राहकों के लिए बेहतर और सुरक्षित सुविधाओं पर सवाल उठ रहे हैं.
रोज पहुंचते हैं बड़ी तादाद में ग्राहक
प्रधान डाकघर में रोजाना बड़ी संख्या में लोग डाक, बैंकिंग और अन्य सेवाओं के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में भवन की सुरक्षा केवल कर्मचारियों का नहीं, बल्कि ग्राहकों का भी मुद्दा है.
पोस्टमास्टर की ओर से भेजे गये पत्र में बताया गया है कि भवन के इलेक्ट्रिक कनेक्शन की मरम्मत करीब एक वर्ष पहले करायी गयी थी. इसके बाद भवन की मरम्मत कराये जाने की बात कही गयी थी. मरम्मत का टेंडर भी स्वीकृत हो चुका है, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ.
ये भी पढ़ें: गोमिया में 38 जंगली हाथियों का झुंड पहुंचा, बड़कीपुन्नू में दहशत; फसलें रौंदी और चहारदीवारी तोड़ी
स्वीकृत योजना के बावजूद काम में देरी बढ़ा रही चिंता
कर्मचारियों का कहना है कि स्वीकृत योजना के बावजूद काम में देरी से उनकी चिंता बढ़ रही है। भवन की वर्तमान स्थिति को देखते हुए मरम्मत कार्य शुरू करने में और देरी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। कर्मचारियों ने संबंधित विभाग से जल्द कार्रवाई कर भवन को सुरक्षित बनाने की मांग की है।
मरम्मत कार्य जल्द शुरू होना जरूरी : अर्चना कुमारी
प्रधान डाकघर की पोस्टमास्टर अर्चना कुमारी ने कहा कि भवन की मरम्मत के लिए टेंडर स्वीकृत हो चुका है. वर्तमान स्थिति को देखते हुए काम जल्द शुरू होना जरूरी है. बारिश के दौरान छत से पानी रिसता है और जर्जर हिस्सों से प्लास्टर गिरने की समस्या बनी रहती है. इस बाबत 31 अगस्त को वरिष्ठ डाकघर अधीक्षक को पत्र भेजकर जल्द मरम्मत शुरू कराने का अनुरोध किया गया है.
