जमुआ प्रखंड की चारों घरेलू गैस एजेंसियों के खिलाफ पिछले छह माह से मिल रही शिकायतों को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है. सिलेंडर की कथित कालाबाजारी, समय पर गैस उपलब्ध नहीं कराने और उपभोक्ताओं को परेशान करने की शिकायतों पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने जांच का निर्देश दिया है.
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली की त्वरित जांच कर अनियमितता मिलने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा है.
स्टॉक रहने के बावजूद सिलेंडर नहीं देने की शिकायत
प्रशासन को मिली शिकायतों में गैस सिलेंडर का स्टॉक छिपाने, गोदाम में सिलेंडर उपलब्ध रहने के बावजूद उपभोक्ताओं को आपूर्ति नहीं करने और डिलीवरी में देरी करने की बातें सामने आयी हैं. उपभोक्ताओं ने समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराने में टालमटोल करने की भी शिकायत की है.
ये भी पढ़ें: बोकारो थर्मल में सब्जी विक्रेता से UPI के जरिए 95 हजार की ठगी, साइबर पोर्टल पर शिकायत
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने अब गैस एजेंसियों के स्टॉक और वितरण व्यवस्था की जांच शुरू करने की तैयारी की है.
स्टॉक पंजी और शिकायत पंजी की होगी जांच
बीडीओ अमलजी ने बताया कि जमुआ प्रखंड में चार स्थानों पर विभिन्न एजेंसियों के नाम से ग्रामीण गैस दुकानें संचालित हैं. सभी गैस दुकानों की स्टॉक पंजी की जांच की जायेगी. इसमें दर्ज स्टॉक और दुकान में उपलब्ध सिलेंडरों का मिलान किया जायेगा.
इसके अलावा दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं या नहीं, इसकी भी जांच होगी. उपभोक्ताओं की शिकायतों के लिए रखी गयी शिकायत पंजी को भी देखा जायेगा, ताकि यह पता चल सके कि पहले मिली शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गयी.
अनियमितता मिली तो होगी कार्रवाई
प्रशासन की जांच की सूचना के बाद गैस एजेंसियों में हड़कंप है. अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान स्टॉक, वितरण या उपभोक्ताओं को सिलेंडर उपलब्ध कराने में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित एजेंसी या संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.
प्रशासन की इस पहल से उपभोक्ताओं को समय पर घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने और गैस वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की उम्मीद है.
