कसमार प्रखंड में बुधवार को ग्रामीणों पर लगातार हमले के बाद लोमड़ी को मारे जाने की सूचना पर वन विभाग की टीम बुधवार को दिनभर उसके शव की तलाश करती रही. हालांकि देर रात तक विभाग को शव नहीं मिल सका.
विभागीय कर्मी जगदीश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों से पूछताछ के आधार पर संभावित स्थानों पर खोजबीन की गयी, लेकिन लोमड़ी का कोई सुराग नहीं मिला. उन्होंने बताया कि शव बरामद करने का मुख्य उद्देश्य उसका विधिवत अंतिम संस्कार करना है.
वन्यजीव के शव को खुले में छोड़ना उचित नहीं है. विभाग की ओर से ग्रामीणों को यह भी बताया गया है कि अगर लोमड़ी को ग्रामीणों ने लगातार हो रहे हमलों के दौरान आत्मरक्षा में मारा है, तो इस मामले में फिलहाल किसी कार्रवाई की योजना नहीं है. विभाग की प्राथमिकता शव को बरामद कर उसका सुरक्षित तरीके से अंतिम संस्कार करना है.
मालूम हो कि बुधवार को कसमार प्रखंड के विभिन्न गांवों में लोमड़ी के हमले में एक दर्जन ग्रामीण घायल हुए थे. बाद में ग्रामीणों ने आत्मरक्षा में लोमड़ी को ईंट पत्थर से भगाने के दौरान उसके मारे जाने की बात कही थी.
इसी सूचना के बाद वन विभाग ने शव की तलाश शुरू की है. इधर, मामले की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग के वरीय अधिकारियों ने भी गंभीरता दिखायी. बोकारो वन प्रमंडल में पदस्थापित भारतीय वन सेवा के अधिकारी संदीप कुमार शिंदे ने सदर अस्पताल लाये गये घायल ग्रामीणों का हालचाल लेने वन विभाग की टीम को भेजा.
