चास नगर निगम क्षेत्र में कई तालाबों की जमीन पर लगातार अतिक्रमण हुआ है. सरकारी अभिलेखों में दर्ज इन जलस्रोतों पर अतिक्रमण और जमीन की किस्म में बदलाव के कारण तालाबों का रूप बदल रहा है. कुल 18 तालाबों को जिला मत्स्य विभाग द्वारा निगम को हस्तांतरित किया गया है. निगम प्रशासन तालाबों का सही तरीके से रखरखाव नहीं कर पा रहा है. तालाबों की जमीन का बड़ा हिस्सा अतिक्रमणकारियों के कब्जे में चला गया है. माफियाओं द्वारा जमीन की किस्म बदल कर तालाब की जमीन बेची जा रही है. इसमें विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका भी है. जल क्षेत्र कम होने के कारण भू-जल स्तर कम हो रहा है. स्थानीय लोग वर्षों से विभिन्न तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग करते आ रहे हैं.
पिछले साल निगम ने की तैयारी, लेकिन नहीं हुई करवाई
स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम क्षेत्र के भोलूर बांध, सोलागीडीह तालाब, नूतन पोखर, महतो बांध, पुराना बांध, मैरा बांध, बड़ा बांध, डंगर गाड़िया, जमगोड़िया तालाब, फुदनीडीह तालाब, कमलिया बांध, सुल्तान नगर तालाब सहित अन्य तालाबों का सर्वे करा कर अतिक्रमण हटाना जरूरी है. लगभग सभी तालाबों की जमीन का अतिक्रमण हुआ है. पिछले साल चास नगर नगर निगम ने तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने की तैयारी की थी. इसके लिए चास अंचल के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष टीम का भी गठन हुआ था. लेकिन अभी तक करवाई नहीं हुई. बीते शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैठक कर राज्य के सभी जलस्रोतों को अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश दिया है. स्थानीय लोगों की आशा है कि चास नगर निगम प्रशासन द्वारा तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराया जायेगा.
भोलूर बांध : तालाब की जमीन पर बन गया सरकारी भवन
चास पुराना बाजार बढ़ कुल्ही और रामनगर कॉलोनी के बीच स्थित भोलूर बांध स्थानीय लोगों की आस्था से भी जुड़ा है. यहां कई धार्मिक कार्य होते हैं. यह तालाब खाता संख्या 752 और प्लॉट संख्या 6595 , 6596, 6597 और 6534 के कुल रकवा 7.75 एकड़ पर फैला है और जल क्षेत्र 3.50 एकड़ है. कई वर्ष पूर्व तालाब के किनारे बड़े-बड़े डोभा थे, जिसमें मछली पालन होता था. लेकिन सभी डोभा काे समतल कर निगम द्वारा कौशल विकास केंद्र बना दिया गया. साथ ही तालाब की मेढ़ पर अमृत पार्क का भी निर्माण किया गया, जो अब बेकार हो गया है. स्थानीय लोगों ने तालाब की जमीन पर मंदिर भी बना दिया है.
महतो बांध : अतिक्रमण मुक्त करायी गयी भूमि पर फिर हो गया निर्माण
जोधाडीह मोड़ स्थित महतो बांध उर्फ नूतन पोखर का खाता संख्या 752 और प्लॉट संख्या 7732 व 7733 में कुल रकवा 8.14 एकड़ है. जल क्षेत्र पांच एकड़ है, लेकिन अतिक्रमण के कारण जल क्षेत्र कम हो गया है. कुछ वर्ष पूर्व कांग्रेस नेता कौशल किशोर ने तालाब को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग को लेकर पीसीएल दर्ज किया था. इसके बाद जिला प्रशासन रेस हुआ. तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने का प्रयास निगम व चास अंचल ने संयुक्त रूप से किया, लेकिन पूरी कामयाबी नहीं मिल पायी. अतिक्रमण मुक्त करायी गयी भूमि पर पुनः निर्माण हो गया है. साथ ही निगम ने तालाब की जमीन पर एक वार्ड भवन का भी निर्माण कराया है. फिर से अतिक्रमण हटाने की सूचना पर कब्जाधारियों में हड़कंप मचा हुआ है.
पुराना बांध : मेढ़ पर लोग कर रहे हैं खेती
रामनगर कॉलोनी, कृष्णा नगर और अंसारी मोहल्ला क्षेत्र से सटे पुराना बांध का कुछ वर्ष पहले सौंदर्यीकरण किया गया था, लेकिन वर्तमान में इसकी स्थिति बहुत खराब है. आसपास के कई लोगों ने तालाब की मेढ़ पर कब्जा कर लिया है. मिट्टी का बहाव को रोकने के लिए मेढ़ पर बिछाये गये पत्थरों को लोगों ने फेंक दिया और घेर कर खेती कर रहे हैं. स्थानीय लोगो का कहना है कि पुराना बांध के जमीन की किस्म बदल कर खरीद-बिक्री की गयी है.
सोलागीडीह तालाब : किनारे में गलत तरीके से होटल, मंदिर और भवन का हुआ निर्माण
जोधाडीह मोड़ स्थित इस तालाब की जमीन पर भी अतिक्रमण हुआ है. तालाब के किनारे गलत तरीके से होटल, मंदिर और भवन का निर्माण हुआ है. साथ ही सोलागीडीह भवानीपुर मौजा स्थित अन्य तालाबों की जमीन भी माफियाओं द्वारा बेची गयी है.
नगर आयुक्त ने कहा
चास नगर निगम के अपर नगर आयुक्त संजीव कुमार ने कहा कि तालाबों की जमीन पर अतिक्रमण कर घर, होटल व बाउंड्री बनाने वालों को नोटिस किया जा रहा है. अगर लोग अपने से अतिक्रमण हटा लेते है तो ठीक है, अन्यथा सभी अवैध निर्माण को जेसीबी से ध्वस्त किया जायेगा. तालाबों की जमीन पर सरकारी निर्माण मेरे कार्यकाल के पहले हुआ था. सभी निर्माण की जांच करायी जायेगी.
