नुभवात्मक शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिल्ली पब्लिक स्कूल चास में शनिवार को प्री-नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए बैगलेस डे का आयोजन किया गया. इस दौरान विद्यार्थियों ने पारंपरिक किताबों से अलग विभिन्न क्लब गतिविधियों के माध्यम से रचनात्मकता, व्यावहारिक कौशल और इंटरैक्टिव लर्निंग का अनुभव लिया.
विभिन्न क्लबों में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
कार्यक्रम के दौरान साइंस एंड इनोवेशन, क्विज एंड माइंड गेम्स, हेल्थ एंड वेलनेस, क्रिएटिव कॉर्नर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड रोबोटिक्स तथा इको वॉरियर्स क्लब की गतिविधियां आयोजित की गयीं. विद्यार्थियों ने अलग-अलग गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और खेल-खेल में नई चीजें सीखीं.
स्थानीय कारीगर ने सिखायी पॉटरी कला
भारतीय संस्कृति और पारंपरिक कला से विद्यार्थियों को जोड़ने के लिए विशेष पॉटरी कार्यशाला भी आयोजित की गयी. इसमें पास के गांव से स्थानीय कारीगर को आमंत्रित किया गया था. उन्होंने विद्यार्थियों को मिट्टी के बर्तन बनाने की पारंपरिक कला का प्रदर्शन कर व्यावहारिक जानकारी दी.
पाठ्यपुस्तकों से आगे की शिक्षा जरूरी : राजेश अग्रवाल
प्रो-वाइस चेयरमैन राजेश अग्रवाल ने कहा कि बच्चों को वास्तविक दुनिया के लिए तैयार करने के लिए शिक्षा को पाठ्यपुस्तकों की सीमाओं से आगे ले जाना जरूरी है. निदेशिका सह प्राचार्या डॉ. मनीषा तिवारी ने कहा कि बैगलेस डे जैसी गतिविधियां बच्चों में जिज्ञासा बढ़ाने के साथ टीमवर्क और रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करती हैं.
डीएस मेमोरियल सोसायटी के सचिव सुरेश अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थियों का एआई जैसे आधुनिक विषयों के साथ पॉटरी जैसी पारंपरिक कला में रुचि लेना उत्साहजनक है. ऐसे विविध अनुभव बच्चों को आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
