शिक्षा परियोजना चास में शनिवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रवीण रंजन की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गयी. बैठक में वर्ष 2026 में आयोजित मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणामों की समीक्षा की गयी. साथ ही वर्ष 2027 की मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा में विद्यार्थियों के प्रदर्शन में सुधार को लेकर आवश्यक रणनीति पर चर्चा की गयी.
इंटर के परिणाम की हुई समीक्षा
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि वर्ष 2026 में इंटरमीडिएट का परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा. इसे गंभीरता से लेते हुए विद्यालय स्तर पर शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने का निर्देश दिया गया. कमजोर प्रदर्शन वाले विषयों पर विशेष ध्यान देने और विद्यार्थियों की तैयारी को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया.
तीन प्रमुख विषयों में बेहतर प्रदर्शन पर जोर
बैठक में विद्यार्थियों के परिणाम में सुधार के लिए तीन प्रमुख विषयों में बेहतर प्रदर्शन कराने की दिशा में विशेष तैयारी पर चर्चा हुई. अधिकारियों को विषयवार विद्यार्थियों के प्रदर्शन का आकलन कर कमजोरियों को चिह्नित करने और उसके अनुरूप शिक्षण व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश दिया गया.
शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में होगी प्रतिनियुक्ति
डीईओ प्रवीण रंजन ने कहा कि जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, वहां आवश्यकता के अनुसार शिक्षक उपलब्ध कराये जायेंगे. इसके लिए शिक्षकों का युक्तिकरण किया जायेगा. उन्होंने बताया कि यदि किसी विद्यालय में किसी एक विषय के दो या उससे अधिक शिक्षक हैं और दूसरे विद्यालय में उसी विषय के शिक्षक की कमी है, तो आवश्यकता के अनुसार शिक्षक को दूसरे विद्यालय में भेजा जा सकता है.
विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता की होगी समीक्षा
बैठक में सभी विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता और विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया. इसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी. बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारी और संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे.
